बेवफाई का बदला की यह नीलामी वाली सीन बहुत ही तनावपूर्ण है। लाल पोशाक वाली महिला का गुस्सा और सफेद पोशाक वाली महिला का शांत रवैया एकदम विपरीत है। जब वह किताब देख रहे थे, तो पुरुष का चेहरा बदल गया, जैसे उसे कोई पुरानी याद आ गई हो। यह ड्रामा देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
इस शो में संवाद से ज्यादा आंखों का खेल दिलचस्प है। जब वह दोनों एक दूसरे को घूर रहे थे, तो हवा में बिजली सी दौड़ रही थी। बेवफाई का बदला की कहानी में यह नीलामी सिर्फ जेवर बेचने के लिए नहीं, बल्कि पुराने हिसाब बराबर करने के लिए है। वह आदमी जो बीच में आया, उसकी एंट्री ने माहौल बदल दिया।
हॉल की सजावट और किरदारों के कपड़े बहुत शानदार हैं, लेकिन कहानी में छिपा जहर और भी गहरा है। लाल बालों वाली महिला का व्यवहार बताता है कि वह कुछ छिपा रही है। बेवफाई का बदला में दिखाया गया यह धोखा बहुत ही चौंकाने वाला है। जब वह चली गई, तो पीछे छोड़ गई एक बड़ी साजिश।
वह किताब जिसमें हीरों की जानकारी थी, असल में उनकी दुश्मनी की चाबी है। जब उन्होंने पन्ने पलटे, तो पुरुष का चेहरा उतर गया। बेवफाई का बदला की यह पटकथा बहुत ही चतुराई से लिखी गई है। हर डायलॉग और हर इशारा किसी बड़े खुलासे की ओर इशारा कर रहा है।
लाल पोशाक वाली महिला का गुस्सा देखकर लगता है कि उसका दिल टूट चुका है। उसने जब टेबल छोड़ी, तो सबकी सांसें रुक गईं। बेवफाई का बदला में यह सीन सबसे ज्यादा इमोशनल है। उसका जाना और फिर उस सुनहरे बालों वाले आदमी का आना, सब कुछ एक बड़े धमाके की तैयारी है।