जब एलेक्जेंडर का कॉल आया, तो लगा सब कुछ सामान्य है, लेकिन बेवफाई का बदला तो बस शुरू हुआ था। उसकी मुस्कान में छिपा था धोखा, और वीडियो कॉल पर दिखाया गया शरीर सिर्फ एक चाल था। लड़की की आंखों में डर साफ दिख रहा था, जैसे वो जान गई हो कि कुछ गड़बड़ है।
उसने धीरे-धीरे अपने नाइटगाउन के बटन खोले, जैसे कोई राज खोल रही हो। बेवफाई का बदला में ये सीन सबसे ज्यादा तनावपूर्ण था। फिर अचानक ब्लॉन्ड हेयर वाला आदमी कमरे में घुस आया – शायद वही असली खलनायक? उसकी नजरें देखकर लगता है वो सब कुछ जानता है।
पहले लगा एलेक्जेंडर ही है, लेकिन फिर पता चला कि वो तो सिर्फ एक चेहरा था। असली खेल तो तब शुरू हुआ जब वो सुनहरे बालों वाला आदमी दरवाजे से अंदर आया। बेवफाई का बदला में हर मोड़ पर नया झटका मिलता है। लड़की की घबराहट साफ दिख रही थी।
बाथरूम के शीशे के सामने खड़ी वो लड़की, और पीछे से आकर उसे पकड़ने वाला वो आदमी – बेवफाई का बदला का ये सीन दिल दहला देने वाला था। उसकी सांसें तेज थीं, और उसकी आंखों में सवाल थे। क्या वो भाग सकती है? या फिर फंस चुकी है?
जब फोन बिस्तर पर गिरा, तो एलेक्जेंडर का चेहरा अभी भी स्क्रीन पर था, लेकिन अब उसकी मुस्कान गायब थी। बेवफाई का बदला में ये पल सबसे ज्यादा डरावना था। लगा जैसे फोन ने ही सब कुछ रिकॉर्ड कर लिया हो, और अब कोई बच नहीं सकता।