शुरुआत में ही वो सफेद गाउन में भीगी हुई सीढ़ियों से उतरती है और सामने बैठा वो लाल जैकेट वाला आदमी उसे ऐसे घूर रहा है जैसे शिकार को देख रहा हो। बेवफाई का बदला की ये शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण है कि सांस रुक जाए। उसकी आंखों में डर और उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान... लगता है ये कहानी आगे बहुत खतरनाक मोड़ लेगी।
जब कैमरा जूम करके उसके छाती के निशान पर जाता है, तो लगता है जैसे पूरा कमरा चीख पड़ा हो। वो निशान सिर्फ जख्म नहीं, किसी गहरे राज का सबूत लग रहा है। बेवफाई का बदला में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स ही कहानी को इतना दमदार बनाते हैं। वो आदमी कुछ बोलता नहीं, बस देखता रहता है... और यही खामोशी सबसे ज्यादा डरावनी है।
जैसे ही फोन पर 'मैं तुम्हारे पास आ रहा हूं' का मैसेज आता है, उसका चेहरा पल भर में बदल जाता है। डर, हैरानी, और फिर एक अजीब सी बेचैनी... बेवफाई का बदला के इस सीन में एक्ट्रेस ने बिना एक शब्द बोले पूरी कहानी कह दी। लगता है अब कोई नया खिलाड़ि़न एंट्री लेने वाला है जो सब कुछ बदल देगा।
रात के अंधेरे में चांदनी के नीचे जब वो बीज रंग का सूट पहने दरवाजे पर आता है, तो लगता है कोई हीरो नहीं, बल्कि कोई रहस्यमयी फरिश्ता या शैतान आया हो। बेवफाई का बदला में इस किरदार की एंट्री इतनी स्टाइलिश है कि दिल धड़कने लगता है। उसके हाथ में काले दस्ताने और चेहरे पर वो मुस्कान... सब कुछ प्लान्ड लग रहा है।
जब वो काले दस्ताने वाले हाथों से हीरे का हार निकालता है, तो लगता है जैसे पूरा कमरा चमक उठा हो। लेकिन उस लड़की की आंखों में खुशी नहीं, बल्कि एक अजीब सा डर और हैरानी है। बेवफाई का बदला में ये गिफ्ट सिर्फ गहना नहीं, किसी बड़े सौदे या धमकी का संकेत लग रहा है। क्या वो इसे स्वीकार करेगी या मना कर देगी?