शार्लोट के जन्मदिन की पार्टी में अलेक्जेंडर का व्यवहार देखकर हैरानी होती है। वह घुटनों पर बैठकर माफी मांगता है, लेकिन शार्लोट ने तलाक समझौता तैयार रखा है। यह दृश्य बेवफाई का बदला की कहानी को एक नया मोड़ देता है। अमीराना महफिल में गरीबी का अहसास कराने वाला यह ड्रामा दिल को छू लेता है।
अलेक्जेंडर ब्लेक के चेहरे पर नकाब उतरते ही सबकी आंखें फटी रह गईं। शार्लोट ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक सुंदर चेहरा नहीं, बल्कि एक तेज दिमाग भी रखती है। जब उसने फोन दिखाया, तो अलेक्जेंडर की हालत खराब हो गई। बेवफाई का बदला का यह प्लॉट ट्विस्ट बहुत ही शानदार है और दर्शकों को बांधे रखता है।
जब अलेक्जेंडर के पिताजी आए, तो माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। बेटे की हरकतों से पिता शर्मिंदा हैं, यह भावना साफ झलकती है। शार्लोट का ठंडा रवैया और अलेक्जेंडर की गिड़गिड़ाहट देखकर लगता है कि अब कोई रास्ता नहीं बचा। बेवफाई का बदला में परिवार की इज्जत और प्यार के बीच का संघर्ष बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है।
शार्लोट का ताज और हीरे का हार पहनकर खड़ी होना और सामने धोखेबाज पति का गिड़गिड़ाना, यह दृश्य सिनेमाई लहजे में बेहतरीन है। उसने अपनी खामोशी से सबसे बड़ा शोर मचाया है। बेवफाई का बदला की यह कहानी हमें सिखाती है कि धोखे का अंजाम हमेशा बुरा होता है, चाहे आप कितने भी अमीर क्यों न हों।
अलेक्जेंडर द्वारा तलाक के कागज फाड़ना और फिर शार्लोट का फोन दिखाकर सच सामने लाना, यह सीन रोंगटे खड़े कर देने वाला है। सच कभी छुपाया नहीं जा सकता, यह बात इस वेब सीरीज में बहुत अच्छे से उभारी गई है। बेवफाई का बदला का हर एपिसोड नए सस्पेंस से भरा हुआ है जो दर्शकों को बांधे रखता है।