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लौटकर आया, तो बन गया अपराजेयवां28एपिसोड

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लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय

जिसे परिवार ने ठुकरा दिया था, वही नायक असल में एक अनमोल दिव्य शरीर वाला था। अठारह साल तक उसकी प्रतिभा छुपी रही, और उसने हर अपमान सहा। बस उसकी बचपन की साथी ने उसका साथ नहीं छोड़ा। दस साल के वादे के दिन, उसने एक अखाड़ा खड़ा किया, और उसी की प्रतीक्षा कर रही थी। नायक जब लौटा, तो देखा – उसकी प्रेमिका को जबरन शादी के लिए मजबूर किया जा रहा था, और उसका पुराना दुश्मन उसे सबके सामने अपमानित कर रहा था। यहीं से शुरू हुई उसकी असली पहचान और सबसे ऊपर उठने की कहानी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

पर्दे वाला रहस्य

उस महिला के चेहरे पर सफेद पर्दा देखकर ही रहस्य और भी गहरा गया है और जिज्ञासा बढ़ी है। लगता है कोई बहुत बड़ी साजिश इस रात चल रही है जो खतरनाक हो सकती है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं और हैरान करते हैं। काले कपड़ों वाले व्यक्ति की चुप्पी भी काफी कुछ कह रही है और वह कुछ छिपा रहा है। माहौल में तनाव साफ झलक रहा है और हर कोई कुछ होने का इंतजार कर रहा है।

नीले युवक की चमक

नीले पोशाक वाले युवक की आंखों में एक अलग ही चमक और दृढ़ता दिखाई दे रही है जो प्रभावशाली है। शायद वह किसी बड़ी जिम्मेदारी को संभालने वाला है इस कहानी में और नेता बनेगा। रात के दृश्य की रोशनी और छायांकन बहुत अच्छी है और सिनेमेटोग्राफी शानदार है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव काफी रोमांचक रहा है और मजा आया। कहानी आगे बढ़ने वाली है और हमें और भी रोमांच देखने को मिलेगा जल्दी ही।

बुजुर्ग का फैसला

सफेद बालों वाले बुजुर्ग की उपस्थिति से लगता है कि कोई बहुत बड़ा फैसला होने वाला है और अहम है। सभी पात्रों के बीच की दूरी तनाव को बहुत अच्छे से दर्शाती है और गंभीरता है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय की कहानी में यह पल बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है और यादगार है। कपड़ों की बनावट और डिजाइन बहुत ही शानदार और पारंपरिक लग रहे हैं और मेहनत दिखती है।

पट्टी वाले का अंदाज

सिर पर काली पट्टी बांधे हुए व्यक्ति का अंदाज काफी दबंग और गंभीर लग रहा है और खतरनाक है। वह शायद किसी गुट का नेता या कमांडर हो सकता है और ताकतवर है। सबकी नजरें एक दूसरे पर टिकी हैं और कोई हिल नहीं रहा है। यह मुकाबला देखने लायक है और रोमांचक है। ड्रामा का नाम सुनकर ही उत्सुकता बढ़ गई थी और अब दृश्य देखकर और भी बढ़ गई है बहुत ज्यादा।

भभव्य कोर्टयार्ड

कोर्टयार्ड का विशाल दृश्य और पत्थर की फर्श बहुत ही भव्य लग रही है और राजसी है। लाल कालीन पर खड़े होकर बातचीत हो रही है जो किसी अनुष्ठान जैसा लगता है और पवित्र है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय में ऐसे सीन बार बार देखने को मिलते हैं जो दिलचस्प होते हैं और अच्छे लगते हैं। हर किसी के चेहरे पर गंभीरता साफ दिख रही है और कोई मुस्कुरा नहीं रहा है बिल्कुल भी।

चमड़े की एंट्री

भूरे चमड़े के कपड़े पहने व्यक्ति की एंट्री धमाकेदार और भारी लगती है और दमदार है। उसके चेहरे के भाव बहुत गहरे और चिंतित हैं और कुछ सोच रहा है। रात के अंधेरे में यह मुलाकात किसी दुश्मनी की शुरुआत हो सकती है और लड़ाई होगी। कहानी का हर मोड़ नया आश्चर्य दे रहा है और दर्शक हैरान हैं और देखते रहते हैं। यह दृश्य बहुत ही तीव्रता से आगे बढ़ रहा है और रुक नहीं रहा है।

वीरता की झलक

वीरता और साहस की झलक इस दृश्य में साफ मिलती है और रोंगटे खड़े कर देती है और जोश है। सभी पात्र अपने अपने स्थान पर मजबूत खड़े हैं और किसी चुनौती के लिए तैयार हैं। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय की रफ्तार बहुत तेज है और बोरियत नहीं होती बिल्कुल भी। दर्शक के रूप में मैं बिल्कुल बंध गया हूं और आगे क्या होगा जानना चाहता हूं बहुत ज्यादा।

आंखों का राज

पर्दे वाली महिला की आंखों में कुछ छिपा है जो कोई आसान राज नहीं है और गहरा है। शायद वह किसी बड़े राज को जानती है जो सबके सामने आएगा और खुलेगा जल्दी। बाकी सभी पुरुष पात्र उसकी ओर देख रहे हैं और प्रतिक्रिया का इंतजार है और देख रहे हैं। यह रहस्य सुलझना बाकी है और जल्दी खुलेगा और सबको पता चलेगा। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत पसंद आ रहा है और समय अच्छा कट रहा है।

कवच की तैयारी

काले कवच वाले व्यक्ति की पोशाक बहुत भारी और युद्ध के लिए तैयार लग रही है और मजबूत है। वह किसी रक्षक की तरह खड़ा है और अपने नेता की सुरक्षा कर रहा है और सतर्क है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय में एक्शन के संकेत मिल रहे हैं और लड़ाई होने वाली है जल्दी। रात की ठंडक और माहौल का गर्माहट अलग है जो बहुत प्रभावशाली है और यादगार लग रहा है।

चरम की ओर

अंत में सभी का एक साथ खड़ा होना किसी बड़ी लड़ाई की तैयारी लगता है और खतरा बढ़ गया है बहुत। कहानी अब अपने चरम पर पहुंचने वाली है और सब कुछ बदलने वाला है और नया होगा। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय का अंत कैसे होगा यह देखना बाकी है और बहुत उत्सुकता है। हर फ्रेम बहुत खूबसूरत और सिनेमेटिक है जो आंखों को चुभाता है और दिल को छूता है।