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लौटकर आया, तो बन गया अपराजेयवां30एपिसोड

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लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय

जिसे परिवार ने ठुकरा दिया था, वही नायक असल में एक अनमोल दिव्य शरीर वाला था। अठारह साल तक उसकी प्रतिभा छुपी रही, और उसने हर अपमान सहा। बस उसकी बचपन की साथी ने उसका साथ नहीं छोड़ा। दस साल के वादे के दिन, उसने एक अखाड़ा खड़ा किया, और उसी की प्रतीक्षा कर रही थी। नायक जब लौटा, तो देखा – उसकी प्रेमिका को जबरन शादी के लिए मजबूर किया जा रहा था, और उसका पुराना दुश्मन उसे सबके सामने अपमानित कर रहा था। यहीं से शुरू हुई उसकी असली पहचान और सबसे ऊपर उठने की कहानी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

पेड़ का जादू

इस नाटक की शुरुआत ही कमाल की है। पेड़ का हरा भरा होना और फिर मूर्ति का टूटना किसी जादू से कम नहीं लगता। मुझे लगा कि मैं किसी दूसरी दुनिया में हूं। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय नाम भी सही बैठता है क्योंकि नायक की वापसी कुछ ऐसी ही धमाकेदार लग रही है। पुराने बाबा का किरदार बहुत प्रभावशाली है। उनकी आंखों में एक अलग ही चमक है जो कहानी को आगे बढ़ाती है। मुझे नेटशॉर्ट पर यह देखकर बहुत मजा आया। काश ऐसे ही और सीरीज मिलें।

घूंघट वाला राज

सफेद घूंघट वाली महिला का रहस्य मुझे सबसे ज्यादा भाया। उसकी आंखों में डर और उम्मीद दोनों साफ दिख रहे थे। जब मूर्ति टूटी तो सबके चेहरे के भाव बदल गए। यह शो लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय सच में दिलचस्प मोड़ ले रहा है। काले कपड़ों वाले लोग कौन हैं? क्या वे दुश्मन हैं? यह जानने के लिए मैं अगला एपिसोड देखने के लिए बेताब हूं। सेट डिजाइन बहुत ही शानदार है।

गुरु की वाणी

सफेद बालों वाले गुरु का संवाद बहुत भारी था। लगता है उन्होंने कुछ बहुत बड़ा देख लिया है। नीले कपड़ों वाले युवक की चुप्पी सब कुछ कह रही है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय में ऐसे पल बार बार देखने को मिलते हैं जो रोंगटे खड़े कर दें। रात का दृश्य और धुंधला प्रकाश माहौल को और भी रहस्यमय बना रहा है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आ रही है। बिल्कुल वैसा ही जैसे मैंने सोचा था।

रोशनी के गोले

विशेष प्रभाव बहुत अच्छे हैं। पेड़ पर रोशनी वाले गोलों का जलना किसी त्योहार जैसा लग रहा था। फिर अचानक सब बदल गया। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय की कहानी में यह बदलाव बहुत महत्वपूर्ण लगता है। क्या यह किसी शक्ति के जागने का संकेत है? पात्रों के कपड़े बहुत बारीकी से बने हैं। हर किरदार का अपना एक अलग रंग और अंदाज है। देखने में बहुत सुंदर लग रहा है।

मूर्ति का विनाश

जब मूर्ति टूटी तो लगा जैसे धरती हिल गई हो। धूल और पत्थर हवा में उड़ रहे थे। यह दृश्य बहुत शक्तिशाली था। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय में ऐसे एक्शन सीन कमाल के हैं। काले लिबास वाले आदमी की मुस्कान में कुछ खतरनाक था। क्या वह विलेन है? मुझे यह अनुमान लगाने में मजा आ रहा है। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो की क्वालिटी भी बहुत साफ है।

तेज कहानी

कहानी की गति बहुत तेज है। एक पल शांति और अगले पल तबाही। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय देखते वक्त समय का पता ही नहीं चलता। युवक और महिला के बीच की दूरी कुछ कहानी कह रही है। क्या वे एक दूसरे को जानते हैं? इन सवालों के जवाब जानने के लिए मैं रुका नहीं हूं। संगीत और ध्वनि प्रभाव भी बहुत सही जगह पर इस्तेमाल हुए हैं।

सफेद बालों का राज

बुजुर्ग व्यक्ति की दाढ़ी और बाल बहुत सफेद हैं। वह किसी प्राचीन ऋषि जैसे लग रहे हैं। उनकी बात सुनकर सब चुप हो गए। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय में ऐसे पात्र कहानी की रीढ़ होते हैं। उनके बिना यह जादू अधूरा लगता। मुझे उनकी सलाह का इंतजार है। क्या वे सही रास्ता दिखा पाएंगे? यह देखना बहुत रोमांचक होगा।

अंधेरे में चमक

अंधेरे में चमकते हुए दीये जैसे लग रहे थे पेड़ पर। यह दृश्य बहुत सुंदर था। फिर अचानक अंधेरा छा गया। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय का यह उतार चढ़ाव मुझे बहुत पसंद आया। पात्रों के चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। क्या वे किसी बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं? यह सवाल मुझे परेशान कर रहा है। जल्दी से अगला भाग देखना चाहती हूं।

नायक की आंखें

नीले पोशाक वाले नायक की आंखों में एक अलग ही चमक है। लगता है वह कुछ छिपा रहा है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय में उसका किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमय है। उसके पीछे की कहानी क्या है? यह जानने के लिए मैं बेचैन हूं। अन्य पात्र भी अपने आप में दिलचस्प हैं। सबका मिलना एक बड़ी घटना की ओर इशारा कर रहा है।

शानदार अंत

कुल मिलाकर यह शो बहुत शानदार है। कहानी, किरदार और दृश्य सब कुछ सही है। लौटकर आया, तो बन गया अपराजेय ने मेरी उम्मीदों पर खरा उतरा है। मैंने नेटशॉर्ट पर कई शो देखे हैं लेकिन यह सबसे अलग है। इसमें जादू और भावनाओं का अच्छा मिश्रण है। मैं अपने दोस्तों को भी यह जरूर बताऊंगी। सबको देखना चाहिए।