बारिश की बूंदें खिड़की से टकरा रही थीं, जैसे किसी के दिल की धड़कनें रुक गई हों। लव और ब्रेकअप में यह दृश्य इतना भारी था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। महिला की आंखों में दर्द, पुरुष की चुप्पी — सब कुछ बोल रहा था। मोमबत्तियों की रोशनी में छिपा था एक राज़ जो टूटने वाला था।
उसने शीशी को ऐसे देखा जैसे वो उसकी ज़िंदगी का आखिरी सबूत हो। लव और ब्रेकअप में यह पल इतना तीखा था कि दिल में चुभ गया। उसकी उंगलियां कांप रही थीं, पर आवाज़ नहीं निकली। शायद कुछ बातें बोलने से ज्यादा चुप रहने में दर्द होती हैं।
उसने पानी का गिलास दिया, पर उसमें जहर था या दवा? लव और ब्रेकअप में यह सवाल हर फ्रेम में तैर रहा था। महिला ने पी लिया, जैसे सब कुछ स्वीकार कर लिया हो। पीछे खड़ा पुरुष देख रहा था — निर्दोष या अपराधी? कोई नहीं जानता।
दीवारों पर एनाटॉमी के चार्ट, मेज पर नोट्स — सब कुछ सामान्य लग रहा था, पर हवा में कुछ गड़बड़ थी। लव और ब्रेकअप में यह सेटिंग इतनी असली लगी कि लगा मैं भी उस कमरे में हूं। महिला की चुप्पी और पुरुष की नज़रें — सब कुछ बोल रहा था।
जब वो व्हीलचेयर में बैठा आदमी दिखा, तो लगा कहानी का मोड़ आ गया। लव और ब्रेकअप में यह ट्विस्ट इतना अप्रत्याशित था कि सांस रुक गई। महिला की नज़रें उस पर टिकी थीं — क्या वो उसका प्यार था या दुश्मन? कुछ भी हो, यह पल यादगार था।