जब वह लड़का छड़ी के सहारे चल रहा था, तो लगा जैसे उसकी दुनिया ही टूट गई हो। प्यार और बिछड़ने की यह कहानी दिल को छू लेती है। उसकी आँखों में दर्द साफ़ दिख रहा था, और पीछे खड़ी लड़की की चुप्पी और भी ज़्यादा तकलीफदेह लग रही थी। ऐसा लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो, पर फिर भी उम्मीद की एक किरण बाकी थी।
उस बूढ़े आदमी की आँखों में गुस्सा था, पर बेटी की आँखों में डर। प्यार और बिछड़ने के इस सीन में परिवार के दबाव को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। जब वह लड़का बाहर निकला, तो लगा जैसे वह अपनी ज़िंदगी का सबसे मुश्किल फैसला ले रहा हो। ऐसे पल जिंदगी में कभी न कभी आते ही हैं।
रात का अंधेरा, घर के बाहर खड़ा वह लड़का, और उसकी टूटी हुई उम्मीदें। प्यार और बिछड़ने की यह कहानी इतनी असली लगती है कि लगता है जैसे हम खुद उसकी जगह हों। जब वह गिरा, तो लगा जैसे उसका दिल भी टूट गया हो। ऐसे पल जिंदगी में कभी न कभी आते ही हैं।
उस लड़के की छड़ी सिर्फ उसके शरीर का सहारा नहीं, बल्कि उसके टूटे हुए दिल का भी सहारा बन गई थी। प्यार और बिछड़ने के इस सीन में दर्द को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। जब वह गिरा, तो लगा जैसे उसकी दुनिया ही ढह गई हो। ऐसे पल जिंदगी में कभी न कभी आते ही हैं।
उस लड़की की चुप्पी और उसके पिता का गुस्सा, दोनों ही कुछ कह रहे थे। प्यार और बिछड़ने की यह कहानी इतनी असली लगती है कि लगता है जैसे हम खुद उसकी जगह हों। जब वह लड़का बाहर निकला, तो लगा जैसे वह अपनी ज़िंदगी का सबसे मुश्किल फैसला ले रहा हो। ऐसे पल जिंदगी में कभी न कभी आते ही हैं।