शुरुआत का दृश्य इतना भारी था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। सैम की आंखों में वो खालीपन और उसकी पत्नी का चुपचाप कपड़े समेटना, सब कुछ बता रहा है। लव और ब्रेकअप की असली शुरुआत शोर से नहीं, इस खामोशी से होती है जब दो लोग एक ही कमरे में होकर भी अजनबी लगते हैं।
जॉन राइट की एंट्री ने पूरे माहौल को पलट दिया। व्हीलचेयर पर बैठे सैम की बेबसी और जॉन का वो घमंडी अंदाज देखकर गुस्सा आ रहा है। लव और ब्रेकअप में जब बाहर से कोई तीसरा इंसान आता है, तो रिश्तों की दरारें और गहरी हो जाती हैं, बिल्कुल इसी तरह।
जब जॉन ने उस लड़की को डांटा, तो सैम के चेहरे पर जो क्रोध दिखा, वो काबिले तारीफ था। भले ही वो चल नहीं सकता, लेकिन उसकी आंखें सब देख रही हैं। लव और ब्रेकअप की कहानी में ये पावर डायनामिक्स बहुत अहम हैं, जहां कमजोर लगने वाला इंसान असल में सबसे ताकतवर होता है।
सैम की मां का व्यवहार थोड़ा अजीब लगा। वो सब कुछ देख रही हैं लेकिन चुप हैं। शायद वो जानती हैं कि जॉन क्या खेल खेल रहा है। लव और ब्रेकअप में अक्सर परिवार वाले ही वो शीशे होते हैं जो सच्चाई दिखाते हैं, चाहे वो कड़वी ही क्यों न हो।
सैम का व्हीलचेयर पर बैठे रहना सिर्फ शारीरिक मजबूरी नहीं, एक मानसिक कैद भी है। जब जॉन उसके सामने घूमता है, तो सैम की बेबसी साफ दिखती है। लव और ब्रेकअप में ये जज्बात बहुत गहराई से उतारे गए हैं, जो दर्शक को झकझोर देते हैं।