लव और ब्रेकअप की शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण है कि सांस रुक जाए। मोमबत्ती की लौ जैसे-जैसे हिलती है, वैसे-वैसे रिश्तों की नींव डगमगाती दिखती है। उस औरत की आंखों में छिपा दर्द और उस आदमी की चुप्पी सब कुछ कह जाती है। बिना एक शब्द बोले ही कहानी का असली रंग सामने आ जाता है।
जब टेबल के नीचे हाथ मिलते हैं तो लगता है जैसे किसी ने दिल पर चाकू चला दिया हो। लव और ब्रेकअप में ये छोटा सा डिटेिल सबसे बड़ा धमाका है। सामने बैठी औरत की सूरत देखकर लगता है जैसे वो पत्थर हो गई हो। ये डिनर किसी जश्न से कम और किसी अंतिम संस्कार से ज्यादा लग रहा है।
पीछे खड़ी उस लड़की का चेहरा देखकर दिल पसीज जाता है। लव और ब्रेकअप में ये ट्रैंगल इतना असली लगता है कि खुद को उसकी जगह रखकर देखने का मन करता है। वो बस खड़ी है, पर उसकी खामोशी चीख-चीख कर कह रही है कि वो कितनी टूट चुकी है।
कैमरा जब एक चेहरे से दूसरे चेहरे पर जाता है तो हर नजर में एक नई कहानी होती है। लव और ब्रेकअप का ये सीन बताता है कि कैसे एक गलत फैसला तीन जिंदगियां बर्बाद कर सकता है। वो आदमी शायद सोच रहा है कि वो क्या कर रहा है, पर अब बहुत देर हो चुकी है।
इस डिनर टेबल पर जो नहीं बोला गया, वही सबसे ज्यादा शोर मचा रहा है। लव और ब्रेकअप में डायलॉग से ज्यादा एक्टिंग ने जादू किया है। हर किरदार की बॉडी लैंग्वेज बता रही है कि अंदर कितना तूफान चल रहा है। ये वो पल है जब रिश्ते हमेशा के लिए बदल जाते हैं।