शुरुआत में लग रहा था कि बस एक ऑफिस मीटिंग है, लेकिन जैसे ही उसने गर्दन पकड़ी, सब कुछ बदल गया। वही है वो, बॉस! ने दिखाया कि कैसे तनाव अचानक रोमांस में बदल सकता है। बाथरूम वाला सीन तो दिल धड़का देने वाला था, पानी और भावनाओं का ऐसा मिश्रण कि सांस रुक जाए।
जब उसने उसकी गर्दन को अपने हाथों में लिया, तो स्क्रीन पर सन्नाटा छा गया। वही है वो, बॉस! की केमिस्ट्री देखते ही बनती है। वह घबराई हुई थी, पर उसकी पकड़ इतनी मज़बूत थी कि विरोध करना मुमकिन नहीं लगा। यह डर और आकर्षण का खतरनाक खेल था जो हर किसी को पसंद आएगा।
लिविंग रूम से बाथरूम तक का सफ़र इतना तेज़ था कि हमें संभलने का मौका ही नहीं मिला। वही है वो, बॉस! में बाथरूम का सीन सबसे हाईलाइट था। शॉवर हेड, गीले कपड़े और उनका वह पागलपन भरा चुंबन। ऐसा लगा जैसे समय थम गया हो और सिर्फ वही दो लोग दुनिया में हों।
उसने जब उसके शर्ट के बटन खोले, तो हवा में बिजली सी दौड़ गई। वही है वो, बॉस! ने दिखाया कि कैसे छोटे-छोटे इशारे बड़े धमाके कर सकते हैं। वह शर्मिंदा थी पर रुक नहीं पा रही थी। यह दृश्य इतना वास्तविक लगा कि हम भी उस कमरे में मौजूद होने का अहसास कर रहे थे।
पहले वह गुस्से में लग रहा था, फिर अचानक उसे गोद में उठा लिया। वही है वो, बॉस! की कहानी में यह मोड़ सबसे बेहतरीन था। उसका गुस्सा असल में छिपा हुआ प्यार था। जब उसने उसे बाथरूम में लिफ्ट किया, तो पता चला कि वह उसे कितना चाहता है।