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घास पर पड़े उस शख्स का दर्द देखकर दिल भर आता है। उसके चेहरे पर पसीना और आँखों में आंसू थे। जो औरतें उसके पास बैठी थीं, उनकी मदद करने की कोशिश भी असली लग रही थी। सज़ा बराबर वाली फीलिंग आ रही थी जब दवा की शीशी गिर गई। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन देखना बहुत पसंद आता है।
फूलों का गमला लेकर खड़ी उस लड़की के चेहरे पर नफरत देखकर हैरानी होती है। फूल खूबसूरत हैं, लेकिन उसकी आँखों में नफरत है। जब उसने दवा की शीशी को ठोकर मारी, तो लगा कि वो इंसानियत को भी ठोकर मार रही है। पहचान गलत का एहसास तब होता है जब खूबसूरती के पीछे नफरत छिपी हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना रोमांचक है।
बैग से दवा निकालने का यह सीन बहुत ही तनावपूर्ण है। उस औरत की घबराहट और दूसरों की बेबसी साफ दिख रही थी। जब दवा की शीशी गिरती है, तो लगता है कि अब सब खत्म हो गया। सज़ा बराबर वाली स्थिति बन गई थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि कहानी में कुछ गड़बड़ है।
व्हीलचेयर का खाली होना और उस शख्स का जमीन पर गिरना एक बड़ा मोड़ है। इस सीन में जो तनाव दिखाया गया है, वह सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला है। पहचान गलत का एहसास तब होता है जब व्हीलचेयर खाली हो और शख्स जमीन पर पड़ा हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना एक अलग ही अनुभव है।
इस सीन में सभी किरदारों का रिएक्शन बिल्कुल असली लगता है। कोई चिल्ला रहा है, कोई रो रहा है, तो कोई गुस्से में है। यह तनाव और अफरातफरी देखकर लगता है कि कहानी में कुछ बड़ा होने वाला है। सज़ा बराबर वाली फीलिंग आ रही थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन देखना बहुत पसंद आता है।