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Pehchan Galat, Saaza Barabar

Mary apne memory-impaired pati ke saath ek tour join karti hai taaki woh apna beeta hua waqt phir se jee sakein. Lekin ek identity galat hone ki wajah se guide unka mazaak udata hai. Jab sach saamne aata hai, guide ko pachtawa hota hai aur woh tabah ho jaata hai — jabki Mary aur uske pati apni khoyi hui mithas phir se dhundh lete hain.
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इस एपिसोड की समीक्षा

व्हीलचेयर से गिरने का ड्रामा

इस सीन में जो तनाव दिखाया गया है वह सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला है। व्हीलचेयर से गिरने के बाद जो अफरातफरी मची, उसमें हर किरदार का रिएक्शन बिल्कुल असली लगता है। खासकर वो औरत जो बैग से दवा निकाल रही थी, उसकी घबराहट साफ दिख रही थी। पहचान गलत जैसे मोड़ आने की उम्मीद थी, और यहाँ वही हुआ। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना एक अलग ही अनुभव है।

बैंगनी टॉप वाली का गुस्सा

बैंगनी टॉप पहने लड़की का गुस्सा और उसका व्यवहार देखकर हैरानी होती है। वो फूलों का गमला लेकर खड़ी है, लेकिन उसकी आँखों में नफरत साफ झलक रही है। जब उसने दवा की शीशी उठाई, तो लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। सज़ा बराबर वाली फीलिंग आ रही थी इस सीन में। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन देखना बहुत पसंद आता है।

जमीन पर पड़े शख्स की हालत

जमीन पर पड़े उस शख्स की हालत देखकर दिल दहल जाता है। उसके चेहरे पर दर्द और बेबसी साफ दिख रही थी। जो औरतें उसके पास बैठी थीं, उनकी चिंता भी असली लग रही थी। पहचान गलत का एहसास तब हुआ जब एक ने दवा फेंक दी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि कहानी में कुछ गड़बड़ है।

काले जैकेट वाली का अहंकार

काले जैकेट और मोती की माला पहने उस लड़की का अहंकार देखकर गुस्सा आता है। वो फूलों का गमला लेकर खड़ी है, लेकिन उसकी मुस्कान में नफरत है। जब उसने दवा की शीशी को ठोकर मारी, तो लगा कि वो इंसानियत को भी ठोकर मार रही है। सज़ा बराबर वाली स्थिति बन गई थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे किरदार देखना रोमांचक है।

दवा की शीशी का महत्व

दवा की शीशी इस सीन में एक अहम किरदार निभा रही है। जब वो औरत बैग से दवा निकालती है, तो लगता है कि अब सब ठीक हो जाएगा। लेकिन जब वो शीशी गिरती है और कोई उसे उठाता नहीं, तो निराशा होती है। पहचान गलत का एहसास तब होता है जब दवा की जरूरत हो और वो मिले नहीं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना दिलचस्प है।

घास पर पड़े शख्स का दर्द

घास पर पड़े उस शख्स का दर्द देखकर दिल भर आता है। उसके चेहरे पर पसीना और आँखों में आंसू थे। जो औरतें उसके पास बैठी थीं, उनकी मदद करने की कोशिश भी असली लग रही थी। सज़ा बराबर वाली फीलिंग आ रही थी जब दवा की शीशी गिर गई। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन देखना बहुत पसंद आता है।

फूलों का गमला और नफरत

फूलों का गमला लेकर खड़ी उस लड़की के चेहरे पर नफरत देखकर हैरानी होती है। फूल खूबसूरत हैं, लेकिन उसकी आँखों में नफरत है। जब उसने दवा की शीशी को ठोकर मारी, तो लगा कि वो इंसानियत को भी ठोकर मार रही है। पहचान गलत का एहसास तब होता है जब खूबसूरती के पीछे नफरत छिपी हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना रोमांचक है।

बैग से दवा निकालने का ड्रामा

बैग से दवा निकालने का यह सीन बहुत ही तनावपूर्ण है। उस औरत की घबराहट और दूसरों की बेबसी साफ दिख रही थी। जब दवा की शीशी गिरती है, तो लगता है कि अब सब खत्म हो गया। सज़ा बराबर वाली स्थिति बन गई थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि कहानी में कुछ गड़बड़ है।

व्हीलचेयर का खाली होना

व्हीलचेयर का खाली होना और उस शख्स का जमीन पर गिरना एक बड़ा मोड़ है। इस सीन में जो तनाव दिखाया गया है, वह सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला है। पहचान गलत का एहसास तब होता है जब व्हीलचेयर खाली हो और शख्स जमीन पर पड़ा हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना एक अलग ही अनुभव है।

सभी किरदारों का रिएक्शन

इस सीन में सभी किरदारों का रिएक्शन बिल्कुल असली लगता है। कोई चिल्ला रहा है, कोई रो रहा है, तो कोई गुस्से में है। यह तनाव और अफरातफरी देखकर लगता है कि कहानी में कुछ बड़ा होने वाला है। सज़ा बराबर वाली फीलिंग आ रही थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन देखना बहुत पसंद आता है।