अस्पताल के बिस्तर पर घायल माँ का दर्द देखकर दिल दहल जाता है। वह फोन पर किसी से बात कर रही हैं, शायद अपनी बेटी से, लेकिन बेटा जोनाथन वहाँ मौजूद होकर भी एक अजीब सी मुस्कान के साथ क्रेडिट कार्ड थमा रहा है। पहचान गलत, सज़ा बराबर में ऐसे मोड़ आते हैं जो इंसान को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। क्या सच में पैसे की लालच रिश्तों को इतना गंदा कर सकती है? जोनाथन की आँखों में वो चमक साफ दिखाई दे रही है जो किसी ईमानदार इंसान की नहीं होती।
जेसिका जब अस्पताल में होश में आती है तो उसकी आँखों में सिर्फ हैरानी है। जोनाथन का उसे क्रेडिट कार्ड देना और फिर उसकी प्रतिक्रिया देखना एक अलग ही ड्रामा है। सज़ा बराबर की कहानी में ये पल सबसे ज्यादा तनावपूर्ण लगता है। जेसिका समझ नहीं पा रही कि ये सब क्या हो रहा है, जबकि जोनाथन के चेहरे पर एक विजयी मुस्कान है। क्या वो जेसिका को किसी बड़े धोखे में फंसा रहा है? ये सवाल हर दर्शक के मन में उठता है।
वीडियो का अंत एकदम अलग मूड में है। एक लड़की को अपने फोन पर प्रमोशन और सैलरी बढ़ने की ईमेल मिलती है और उसकी खुशी देखकर अच्छा लगता है। फिर वो अपने नए पार्टनर के साथ नाचती है, जो पहचान गलत, सज़ा बराबर के गंभीर मोड़ के बाद एक राहत की सांस जैसा है। उस लड़के के कर्ली बाल और उसका अंदाज बहुत कूल है। लगता है जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, कभी अस्पताल का दर्द तो कभी सफलता का जश्न।
शुरुआत के दृश्य में माँ की आँखों में जो आंसू हैं, वो किसी भी माँ के दिल को चीर देंगे। वह अपने बेटे से कुछ कहना चाह रही हैं, लेकिन जोनाथन का ध्यान सिर्फ उस क्रेडिट कार्ड पर है। पहचान गलत, सज़ा बराबर ने इस दृश्य को बहुत ही बारीकी से दिखाया है। माँ की कमजोर आवाज और बेटे की जल्दबाजी के बीच का अंतर साफ झलकता है। ये वो पल है जब रिश्तों की असली परीक्षा होती है और अफसोस की बात है कि पैसे ने जीत हासिल कर ली।
जेसिका के हाथ में जब वो काला क्रेडिट कार्ड आता है, तो उसके चेहरे के भाव देखने लायक हैं। वह समझ नहीं पा रही कि ये कार्ड उसे क्यों दिया जा रहा है और इसका मतलब क्या है। सज़ा बराबर की कहानी में ये एक बहुत बड़ा प्लॉट ट्विस्ट लगता है। क्या ये कार्ड उसकी आजादी की कीमत है या फिर किसी और बड़ी साजिश का हिस्सा? जोनाथन की मुस्कान इस रहस्य को और भी गहरा बना देती है। दर्शक के रूप में हम भी जेसिका के साथ कन्फ्यूज हो जाते हैं।
वीडियो के आखिरी हिस्से में जो लड़की अपने प्रमोशन से खुश है, उसका जश्न मनाने का तरीका बहुत प्यारा है। वह अपने पार्टनर के साथ डांस करती है और उन दोनों के बीच की केमिस्ट्री बहुत नेचुरल लगती है। पहचान गलत, सज़ा बराबर में ऐसे हल्के-फुल्के पल भी हैं जो कहानी को संतुलित रखते हैं। उस लड़के का सफेद शर्ट में आना और लड़की का हरे रंग का ड्रेस पहनना विजुअली बहुत अच्छा लगता है। ये पल दर्शाता है कि जीवन में खुशियां भी मिलती हैं।
अस्पताल के कमरे का माहौल बहुत ही तनावपूर्ण है। माँ के सिर पर पट्टी, जेसिका का बिस्तर पर लेटा होना और जोनाथन का अजीब व्यवहार सब कुछ एक अजीब सी बेचैनी पैदा करता है। सज़ा बराबर ने इस सेटिंग का बहुत अच्छे से इस्तेमाल किया है। हर पात्र के चेहरे पर डर और अनिश्चितता साफ झलकती है। ऐसा लगता है कि कुछ बहुत बड़ा गड़बड़ होने वाला है। ये डर दर्शकों को भी अपनी गिरफ्त में ले लेता है और वे अगले पल का इंतजार करने लगते हैं।
जोनाथन का किरदार सबसे ज्यादा दिलचस्प है। एक तरफ वह अपनी घायल माँ के पास बैठा है, तो दूसरी तरफ वह जेसिका को क्रेडिट कार्ड देकर एक अलग ही खेल खेल रहा है। पहचान गलत, सज़ा बराबर में उसकी इस दोहरी भूमिका को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। उसकी मुस्कान के पीछे छिपी चालाकी और उसकी आँखों में छिपा लालच साफ दिखाई देता है। वो एक ऐसा किरदार है जिसे नफरत भी होती है और उसकी चालाकी की दाद भी देनी पड़ती है।
जब वो लड़की अपने फोन पर 'आपके पदोन्नति और वेतन वृद्धि के संबंध में' वाली ईमेल पढ़ती है, तो उसके चेहरे पर जो चमक आती है, वो बहुत ही प्यारी है। ये पल सज़ा बराबर की गंभीर कहानी के बीच एक उम्मीद की किरण जैसा है। उसकी खुशी संक्रामक है और जब वह अपने पार्टनर के पास जाती है, तो लगता है कि जीवन में नई शुरुआत हो रही है। ये दृश्य दर्शाता है कि मेहनत का फल मीठा होता है और खुशियां बांटने से बढ़ती हैं।
पूरे वीडियो में रिश्तों की जटिलता और पैसे के खेल को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। माँ और बेटे का रिश्ता, जोनाथन और जेसिका का अजीब संबंध, और अंत में उस नए जोड़े का प्यार। पहचान गलत, सज़ा बराबर ने इन सभी पहलुओं को एक साथ बुनकर एक बहुत ही दिलचस्प कहानी बनाई है। हर पात्र की अपनी मजबूरी और अपना मकसद है। ये कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि आखिरकार रिश्तों में सच क्या है और झूठ क्या।