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सभी किरदारों के बीच एक अजीब सी केमिस्ट्री थी। जब बूढ़ी महिला ने लड़के को गले लगाया, तो लगा कि सब कुछ ठीक हो गया। पहचान गलत, सज़ा बराबर में भी ऐसे फैमिली ड्रामा होते हैं जो दिल को छू जाते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे वीडियो देखना बहुत अच्छा लगता है।
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बूढ़ी महिला की आँखों में आँसू थे, लेकिन फिर वह मुस्कुराई। यह इमोशनल रोलरकोस्टर बहुत अच्छा था। पहचान गलत, सज़ा बराबर में भी ऐसे मोमेंट्स होते हैं जो दिल को छू जाते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे वीडियो देखना बहुत सुकून देता है।
लोगों का फोन से वीडियो बनाना और फिर अचानक मूड बदलना दिखाता है कि सोशल मीडिया कैसे हमारे रिश्तों को प्रभावित करता है। पहचान गलत, सज़ा बराबर में भी ऐसे मॉडर्न टॉपिक्स को छूा गया है। अंत में सबका एक साथ हंसना बहुत अच्छा लगा।
गुस्से और गलतफहमी के बाद भी प्यार जीत गया। बूढ़ी महिला और लड़के का गले मिलना बहुत दिल को छू गया। पहचान गलत, सज़ा बराबर में भी ऐसे पॉजिटिव मैसेज होते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे वीडियो देखना बहुत अच्छा लगता है।