बैंगनी टॉप वाली लड़की का घमंड देखकर गुस्सा आता है। वह दवा की शीशी को हथियार बनाकर बेचारी महिला को नीचे गिरा रही है। यह दृश्य पहचान गलत, सज़ा बराबर के तनाव को बखूबी दिखाता है। अमीरों की बेरुखी और गरीबों की मजबूरी का यह टकराव दिल दहला देने वाला है।
जब वह महिला घुटनों के बल चलकर दवा मांग रही थी, तो रूह कांप गई। पीछे खड़े लोग तमाशबीन बने रहे, कोई मदद को नहीं आया। सज़ा बराबर में दिखाया गया यह सामाजिक विभेद बहुत गहरा है। इंसानियत शर्मसार हो गई उस पल।
एक तरफ चाय की चुस्कियां और दूसरी तरफ जानलेवा संघर्ष। उस बुजुर्ग जोड़े की बातचीत में छिपी कड़वाहट साफ झलकती है। पहचान गलत, सज़ा बराबर ने क्लास डिफरेंस को बहुत बारीकी से पकड़ा है। अमीरों का सुकून और गरीबों का दर्द एक फ्रेम में।
वह छोटी सी शीशी किसी के लिए जीवन और किसी के लिए मौत बन गई है। बैंगनी वाली लड़की की हंसी में कितनी क्रूरता है! सज़ा बराबर का यह मोड़ कहानी को एक नया आयाम देता है। क्या वह दवा देगी या और अपमानित करेगी?
अंत में सूट पहने उस शख्स का चेहरा देखकर लगा कि असली खेल अब शुरू होगा। बाहर का हंगामा और अंदर की ठंडक का कंट्रास्ट कमाल का है। पहचान गलत, सज़ा बराबर में पावर डायनामिक्स बहुत दिलचस्प हैं।
उस महिला की चीखें और आंसू सब कुछ कह रहे हैं, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। धूल में सनी वह शख्स और ऊपर से हंसती भीड़। सज़ा बराबर ने इंसानियत के पतन को बहुत करीब से दिखाया है। यह दृश्य आंखों में आंसू ला देता है।
बैंगनी टॉप वाली लड़की को अपनी ताकत पर बहुत नाज है। वह दवा को ऐसे हिला रही है जैसे कोई खिलौना हो। पहचान गलत, सज़ा बराबर में किरदारों की मनोविज्ञान बहुत गहरी है। अहंकार इंसान को कहां ले जाता है, यह देखने लायक है।
पीछे खड़ी वह लड़की जो हंस रही है, उसकी हंसी में कितनी निर्दयता है। सब देख रहे हैं पर कोई आगे नहीं आ रहा। सज़ा बराबर का यह सीन समाज की असली तस्वीर है। हम सब कहीं न कहीं ऐसे ही तमाशबीन तो नहीं बन गए?
जब वह महिला जमीन पर गिरे हुए शख्स के पास रो रही थी, तो दिल पसीज गया। एक मां या पत्नी की बेबसी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पहचान गलत, सज़ा बराबर ने इमोशनल एंगल को बहुत स्ट्रॉन्ग किया है।
सूट वाले शख्स का एंट्री लेते ही माहौल बदल गया। लगता है अब खेल पलटेगा। बाहर का शोर और अंदर की शांति एक अजीब कशमकश पैदा कर रही है। सज़ा बराबर का क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार होने वाला है।