अरबपति का रक्षक में वो सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए जब माता-पिता अपनी ही बेटी को बेच रहे थे। पैसे गिनते हुए उनकी आँखों में लालच था, जबकि बेटी कमरे में डर से कांप रही थी। इंसानियत शर्मसार हो गई।
जब वो शख्स दरवाजा तोड़कर अंदर आया, तो लगा जैसे अंधेरे में रोशनी हुई हो। उसने उस लड़की को बचाया जो रस्सियों से बंधी थी। अरबपति का रक्षक का ये मोड़ दिल को छू गया, हीरो का गुस्सा और फिक्र साफ दिख रही थी।
लड़की की आँखों में आंसू और चेहरे पर खौफ देखकर दिल पसीज गया। वो सूट वाला शख्स कितना क्रूर था। अरबपति का रक्षक ने दिखाया कि कैसे ताकतवर लोग कमजोरों का फायदा उठाते हैं, पर अंत में न्याय जरूर होता है।
रात के अंधेरे में नोटों की गड्डियां गिनते हुए वो बुजुर्ग दंपति। उन्होंने अपनी इज्जत बेच दी। अरबपति का रक्षक की कहानी में ये लालच सबसे गहरा जख्म देता है। कमाई का ये गंदा खेल कब तक चलेगा?
कमरे की लाल रोशनी और लड़की की घबराहट ने माहौल को बहुत तनावपूर्ण बना दिया था। अरबपति का रक्षक में सस्पेंस इस कदर था कि सांस रुक सी गई थी। जब हीरो ने उस खलनायक को धक्का दिया, तो सुकून मिला।