जब वो बेहोश पड़ी थी, तो उसकी आँखों में डर था। डॉक्टर और नर्स की भागदौड़ देखकर लगता है जैसे कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। अरबपति का रक्षक में ऐसे मोड़ आते हैं जो दिल को छू लेते हैं। उस लड़के की चिंता साफ़ दिख रही थी।
फ्लैशबैक में जो दृश्य आए, वो सब कुछ बदल देते हैं। शराब, झगड़ा, रोना – सब कुछ इतना असली लगता है। अरबपति का रक्षक की कहानी में ये पल सबसे ज्यादा दर्दनाक हैं। वो लड़की अब क्या करेगी?
जब वो जागी, तो उसकी आँखों में सवाल थे। वो लड़का उसके पास बैठा था, लेकिन क्या वो भरोसेमंद है? अरबपति का रक्षक में हर पल नया रहस्य लेकर आता है। उसकी आवाज़ कांप रही थी, जैसे कुछ छुपा रही हो।
उसके हाथ पकड़कर बैठे उस लड़के की नीयत क्या है? क्या वो सच में उसकी मदद करना चाहता है या कुछ और? अरबपति का रक्षक में हर रिश्ते के पीछे एक राज़ होता है। उसकी मुस्कान में भी कुछ छुपा था।
वो बेहोश थी, लेकिन उसके चेहरे पर डर साफ़ दिख रहा था। जैसे कोई सपना उसे डरा रहा हो। अरबपति का रक्षक में ऐसे पल आते हैं जो रोंगटे खड़े कर देते हैं। उसकी सांसें तेज़ थीं, जैसे कोई उसे बुला रहा हो।