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आज़ाद परिंदेवां17एपिसोड

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आज़ाद परिंदे

अपनी चाची से बचने के लिए आदिति गैंगस्टर यश को फंसाती है। यश उसे अपने पास रोक लेता है। धीरे धीरे दोनों करीब आते हैं, लेकिन यश को अपने गैंग ने धोखा देकर समुद्र में फेंक दिया। आदिति विदेश चली जाती है, जहाँ उसकी मुलाकात याददाश्त खो चुके यश से होती है। वापस लौटने पर पता चलता है कि यश का भूलना एक नाटक था, वह सत्ता हथियाने की साजिश रच रहा था। आदिति भागने की कोशिश करती है, लेकिन यश उसे कैद कर लेता है और उसे पता चलता है कि वह गर्भवती है। क्या आदिति कभी आज़ाद हो पाएगी? क्या यश का प्यार कभी सच्चा था?
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इस एपिसोड की समीक्षा

अर्जुन खन्ना का दमदार किरदार

इस ड्रामे में अर्जुन खन्ना का किरदार बहुत दमदार लग रहा है। जब वह छड़ी पकड़कर बैठे होते हैं तो लगता है कि पूरा कमरा उनके कंट्रोल में है। आज़ाद परिंदे की कहानी में जो तनाव दिखाया गया है वह बहुत ही रियलिस्टिक है। सिगरेट पीते हुए उस युवक की चुप्पी भी बहुत कुछ कह जाती है। पुलिस थाने वाला सीन देखकर लगता है कि अब कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है और मैं इसे देखने की सलाह दूंगा।

ध्रुव शेट्टी की पुलिस वाली एंट्री

ध्रुव शेट्टी का पुलिस वाला अवतार काफी इंप्रेसिव है। इंटरोगेशन रूम में जब वह सवाल पूछते हैं तो माहौल और भी गंभीर हो जाता है। आज़ाद परिंदे में हर किरदार की अपनी एक अलग पहचान है। वह लड़की जो सफेद ब्लाउज में थी, उसके चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। ऐसे सीन देखकर दर्शक भी खुद को उस स्थिति में महसूस करने लगते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज देखने का अनुभव काफी अच्छा रहा है और कहानी बहुत रोचक है।

काले सूट वाले शख्स की चुप्पी

काले सूट वाला शख्स बिना कुछ बोले ही अपनी ताकत दिखा रहा था। उसकी आंखों में जो ठंडक थी वह किसी विलेन से कम नहीं लग रही थी। आज़ाद परिंदे की स्क्रिप्ट में जो गहराई है वह आम ड्रामों में नहीं मिलती। जब वह रंगीन शर्ट वाला लड़का चिल्लाया तो लगा कि अब झगड़ा बढ़ने वाला है। ऐसे सस्पेंस से भरे पलों को देखने के लिए मैं हर एपिसोड का इंतजार करता हूं। यह कहानी बहुत आगे तक जाने वाली है और रोमांच से भरी है।

सेट डिजाइन और विजुअल्स

कार्यालय का सेट डिजाइन बहुत ही मॉडर्न और अमीराना लग रहा था। नीली रोशनी ने उस सीन को एक अलग ही मिस्ट्री दी है। आज़ाद परिंदे में विजुअल्स पर काफी मेहनत की गई है। अर्जुन खन्ना जब हंसे तो लगा कि उन्होंने कोई खतरनाक प्लान बनाया है। पीछे खड़े गनमैन भी अपनी जगह पर बहुत फिट बैठ रहे थे। ऐसे प्रोडक्शन वैल्यू वाले शो हिंदी में कम ही देखने को मिलते हैं। मुझे यह क्वालिटी बहुत पसंद आई है और यह बेहतरीन है।

पुलिस थाने का टेंशन सीन

पुलिस थाने वाले सीन में जो टेंशन थी वह कमाल की थी। ध्रुव शेट्टी की एंट्री ने कहानी का रुख मोड़ दिया है। आज़ाद परिंदे में क्राइम और सस्पेंस का मिश्रण बहुत बढ़िया है। वह लड़की चुपचाप बैठे हुए भी सबसे ज्यादा बेचैन लग रही थी। जब आरोपी पुलिस वाले से बहस करने लगा तो माहौल गर्म हो गया। ऐसे ड्रामेटिक मोड़ दर्शकों को बांधे रखते हैं। मैं आगे क्या होता है यह जानने के लिए उत्सुक हूं और यह शो पसंद है।

सिगरेट और पावर का प्रतीक

सिगरेट पीने का अंदाज ही बता रहा था कि वह शख्स कितना बेफिक्र है। खतरे के समय भी उसका चेहरा शांत था। आज़ाद परिंदे के किरदारों की गहराई दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है। अर्जुन खन्ना की छड़ी उनकी पावर का प्रतीक लग रही थी। जब सभी एक कमरे में इकट्ठा हुए तो लगा कि अब बड़ी वारदात होने वाली है। ऐसे सीन बार बार देखने का मन करता है। यह शो मेरी फेवरेट लिस्ट में शामिल हो गया है और अच्छा है।

पावर स्ट्रगल की जंग

कहानी में जो पावर स्ट्रगल दिखाया गया है वह बहुत ही दिलचस्प है। बड़े बॉस और नए गुंडों के बीच की जंग शुरू हो चुकी है। आज़ाद परिंदे में हर एपिसोड के साथ नया खुलासा होता है। वह लड़का जो बीच में आया था उसे लगा कि वह सब कंट्रोल कर रहा है। लेकिन असली खेल तो अर्जुन खन्ना खेल रहे हैं। ऐसे राजनीति और ताकत के खेल को देखना बहुत रोमांचक लगता है। मुझे यह स्टोरीलाइन बहुत पसंद है और यह शानदार है।

महिला किरदार का इमोशन

महिला किरदार की एंट्री ने सीन में इमोशनल एंगल जोड़ दिया है। वह डरी हुई लग रही थी लेकिन उसकी आंखों में सवाल थे। आज़ाद परिंदे में सिर्फ एक्शन नहीं बल्कि जज्बात भी दिखाए गए हैं। जब पुलिस वाले ने पूछताछ शुरू की तो सबकी सांसें रुक गईं। ध्रुव शेट्टी का किरदार बहुत सख्त और प्रोफेशनल लग रहा था। ऐसे मल्टी लेयर्ड किरदार शो को और भी दिलचस्प बनाते हैं। मैं इसे सभी को देखने की सलाह दूंगा और यह अच्छा है।

सिनेमाई लुक और डायरेक्शन

लाइटिंग और कैमरा एंगल्स ने इस शो को सिनेमाई लुक दिया है। अंधेरे कमरे में सिगरेट का धुआं बहुत अच्छा लग रहा था। आज़ाद परिंदे की प्रेजेंटेशन बहुत ही हाई क्लास है। जब वह युवक सोफे पर बैठकर बात कर रहा था तो लगा कि वह असली मालिक है। पीछे खड़े लोग उसके हुक्म का इंतजार कर रहे थे। ऐसे डायरेक्शन की तारीफ करनी चाहिए। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट मिलना सुखद अनुभव है और यह पसंद आया।

क्लिफहैंगर और नया मोड़

अंत में जब सभी पुलिस थाने पहुंचे तो कहानी में नया मोड़ आ गया है। अब सवाल यह है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। आज़ाद परिंदे के क्लिफहैंगर बहुत ही शानदार हैं। अर्जुन खन्ना और ध्रुव शेट्टी के बीच की टकराहट देखने लायक होगी। मुझे लगता है कि अगले एपिसोड में बड़ा धमाका होने वाला है। ऐसे सस्पेंस के लिए मैं इस शो को फॉलो कर रहा हूं। यह मेरा पसंदीदा शो बन गया है और बहुत रोमांचक है।