जब वो आदमी ब्लैक हैट और कोट पहनकर एंट्री मारा, तो लगा कोई विलेन आया है। लेकिन उसने तो सीधे मिस्टर काशी को डबल रेंट ऑफर करके सबको हैरान कर दिया। उसका कहना था कि रेस्टोरेंट बिजनेस में अगर आगे नहीं हो तो खत्म हो जाओ। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ये डायलॉग बहुत गहरा था। शेफ और स्टाफ के चेहरे पर जो डर था, वो साफ दिख रहा था।
मिस्टर काशी ने शुरू में तो खाने की शिकायत की, लेकिन जब ब्लैक सूट वाले ने डील ऑफर की, तो उसने तुरंत कागजात देखने शुरू कर दिए। लग रहा था कि वो सब पहले से प्लान करके आया था। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे किरदार ही तो कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसका हर एक्शन और रिएक्शन बहुत कैलकुलेटेड था। शेफ के लिए ये सबसे बड़ा धोखा था।
जब ब्लैक सूट वाले ने कहा कि वो बिल्डिंग का लीज ले रहा है, तो शेफ का चेहरा देखने लायक था। उसने पूछा कि क्या तुम इतने नीचे गिर जाओगे। लेकिन बिजनेस की दुनिया में इमोशन नहीं, पैसा बोलता है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ये सीन बहुत इमोशनल था। शेफ की मेहनत और लगन सब बेकार लग रही थी। स्टाफ भी हैरान था कि आखिर क्या हो रहा है।
ब्लैक सूट वाले ने बहुत साफ कहा कि रेस्टोरेंट बिजनेस में दुनिया बहुत बेरहम होती है। अगर तुम सबसे आगे नहीं हो, तो तुम खत्म हो जाते हो। ये डायलॉग सिर्फ ड्रामा नहीं, बल्कि हकीकत है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे मैसेज बहुत गहरे होते हैं। शेफ और स्टाफ के चेहरे पर जो डर था, वो साफ दिख रहा था। ये सिर्फ खाने की कहानी नहीं, बिजनेस की जंग है।
स्टीवन गॉर्डन ने जब खाने की शिकायत की, तो लगा कि वो सिर्फ एक ग्राहक है। लेकिन जब उसने नाइफ स्किल की तारीफ की, तो पता चला कि वो कुछ और ही खेल खेल रहा है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे किरदार ही तो कहानी को रोचक बनाते हैं। उसका हर डायलॉग और एक्सप्रेशन परफेक्ट था। शेफ और स्टाफ के लिए ये सबसे बड़ा झटका था।