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(डबिंग) बदले की आग में पका खानावां39एपिसोड

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(डबिंग) बदले की आग में पका खाना

शेफ लक्ष्य खन्ना, जो कभी "कुकिंग के बादशाह" थे, अपनी पत्नी की कार दुर्घटना में मृत्यु के बाद टूट गए। अवसाद से वे बेघर हो गए और कुत्ते 'शेरू' के अलावा सब कुछ खो दिए। किचन में काम करते समय एक सु-शेफ ने उन्हें प्रताड़ित किया, एक दुष्ट व्यवसायी ने उन्हें वापसी के लिए मजबूर किया। विश्वासघात और शेरू की हत्या के बाद लक्ष्य ने बदला लेने के लिए अपना चाकू उठा लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कुत्ते की वफादारी का मिसाल

जब इंसान साथ छोड़ देते हैं, तो कुत्ता ही वफादार रह जाता है। मिस्टर खन्ना के लिए उनका कुत्ता सिर्फ पालतू नहीं, बल्कि उनकी पत्नी सारा की यादों का जीता जागता हिस्सा है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे रिश्ते दिखाए गए हैं जो इंसानियत को फिर से परिभाषित करते हैं। कुत्ते की आंखों में वो प्यार है जो शायद इंसानों में कम हो गया है।

शेफ की चुप्पी में छिपा दर्द

मिस्टर खन्ना की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी लगती है। जब वो कुत्ते को देखते हैं, तो उनकी आंखों में वो सब कुछ दिखता है जो वो बोल नहीं पा रहे। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे सीन्स हैं जहां डायलॉग नहीं, बल्कि खामोशी बोलती है। कुत्ता उनकी भावनाओं को समझता है, शायद इंसानों से ज्यादा।

मौत के बाद भी प्यार जिंदा है

सारा खन्ना की कब्र पर मिस्टर खन्ना का रोना और कुत्ते को सहलाना दिल को छू लेने वाला था। वो पल जब उन्होंने कहा 'वो मर चुका है', तो लगा जैसे उनकी दुनिया ही खत्म हो गई हो। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे इमोशनल मोमेंट्स बहुत हैं जो आपको रुला देंगे। कुत्ता उनकी यादों का जीता जागता प्रतीक बन गया है।

मौत के बाद भी प्यार जिंदा है

सारा खन्ना की कब्र पर मिस्टर खन्ना का रोना और कुत्ते को सहलाना दिल को छू लेने वाला था। वो पल जब उन्होंने कहा 'वो मर चुका है', तो लगा जैसे उनकी दुनिया ही खत्म हो गई हो। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे इमोशनल मोमेंट्स बहुत हैं जो आपको रुला देंगे। कुत्ता उनकी यादों का जीता जागता प्रतीक बन गया है।

शेफ की चुप्पी में छिपा तूफान

मिस्टर खन्ना की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी लगती है। जब वो कुत्ते को देखते हैं, तो उनकी आंखों में वो सब कुछ दिखता है जो वो बोल नहीं पा रहे। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे सीन्स हैं जहां डायलॉग नहीं, बल्कि खामोशी बोलती है। कुत्ता उनकी भावनाओं को समझता है, शायद इंसानों से ज्यादा।

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