जब जज ने कहा कि यह हुनर सिर्फ 'किंग ऑफ कुकिंग' के पास है, तो सन्नाटा छा गया। लक्ष्य ने अपनी प्रतिभा से सबको चौंका दिया। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे पल बार-बार देखने को मिलते हैं। लाल टोपी वाले शेफ की हार और उस पर मालिक का गुस्सा देखकर लगता है कि आगे और भी ड्रामा होने वाला है।
हारने वाले शेफ को पकड़कर मालिक ने जो गुस्सा दिखाया, वह सच्चाई का आईना था। उसने पूछा कि तुम्हें यहां लाने में कितना पैसा लगा था। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे संवाद तनाव बढ़ा देते हैं। लक्ष्य का शांत चेहरा और दूसरों की घबराहट के बीच का कंट्रास्ट बहुत गजब था। लगता है लक्ष्य कोई साधारण शेफ नहीं है।
एक शेफ ने लक्ष्य की नाइफ स्किल्स को बेकार कहा अगर स्वाद अच्छा न हो। यह बात सही भी है और गलत भी। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में हर किरदार का अपना नजरिया है। लक्ष्य ने बिना बोले अपनी काबिलियत साबित कर दी। जज का उसे विजेता घोषित करना ही सबूत था कि हुनर की कोई सीमा नहीं होती।
मालिक ने लाल टोपी वाले शेफ से पूछा कि असल में लक्ष्य है कौन। यह सवाल पूरे माहौल में सस्पेंस भर देता है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे मोड़ कहानी को नई दिशा देते हैं। लक्ष्य का आत्मविश्वास और उसकी चुप्पी सब कुछ कह रही थी। क्या वह वाकई कोई छुपा हुआ रूस्तम है? यह जानने के लिए और देखना होगा।
जब जज ने लक्ष्य को विजेता घोषित किया, तो सबकी तालियों ने माहौल को बदल दिया। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे पल जीत का जश्न मनाते हैं। लक्ष्य की मुस्कान और दूसरे शेफों की जलन साफ दिख रही थी। यह सिर्फ एक राउंड की जीत थी, असली जंग तो अभी बाकी है।