लक्ष्य शायद शेफ जतिन कपूर के खिलाफ लकी हो गया हो, लेकिन यह सब देखकर लगता है कि वह बहुत ही ईजी होने वाला है। उसने थोड़ा सा बेट लगा लिया है, जो हारेगा उसे अपनी एक उंगली खोनी पड़ेगी। यह सब (डबिंग) बदले की आग में पका खाना जैसा लग रहा है, जहाँ हर कोई अपने-अपने रोल में फंसा हुआ है।
देव सिंह का फैसला बहुत ही चौंकाने वाला है। उसने इतने बड़े रेस्टोरेंट को एक अनजान आदमी के हवाले कर दिया, जो कि बहुत ही जोखिम भरा फैसला है। लेकिन यहाँ बात देव सिंह की हो रही है, जिसका डिसीजन फाइनल है। यह सब (डबिंग) बदले की आग में पका खाना जैसा लग रहा है, जहाँ हर कोई अपने-अपने रोल में फंसा हुआ है।
शेफ लक्ष्य बहुत ही तैयार लग रहा है। उसने थोड़ा सा बेट लगा लिया है, जो हारेगा उसे अपनी एक उंगली खोनी पड़ेगी। यह सब (डबिंग) बदले की आग में पका खाना जैसा लग रहा है, जहाँ हर कोई अपने-अपने रोल में फंसा हुआ है। लेकिन यहाँ बात देव सिंह की हो रही है, जिसका डिसीजन फाइनल है।
शेफ खेतान का समर्थन करना बहुत ही मुश्किल है। उसने इतने बड़े रेस्टोरेंट को एक अनजान आदमी के हवाले कर दिया, जो कि बहुत ही जोखिम भरा फैसला है। लेकिन यहाँ बात देव सिंह की हो रही है, जिसका डिसीजन फाइनल है। यह सब (डबिंग) बदले की आग में पका खाना जैसा लग रहा है, जहाँ हर कोई अपने-अपने रोल में फंसा हुआ है।
शेफ लक्ष्य ने बहुत ही बड़ी चुनौती स्वीकार की है। उसने थोड़ा सा बेट लगा लिया है, जो हारेगा उसे अपनी एक उंगली खोनी पड़ेगी। यह सब (डबिंग) बदले की आग में पका खाना जैसा लग रहा है, जहाँ हर कोई अपने-अपने रोल में फंसा हुआ है। लेकिन यहाँ बात देव सिंह की हो रही है, जिसका डिसीजन फाइनल है।