अलीस के चेहरे पर वो मासूमियत देखकर दिल पसीज जाता है, लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक है जो सब कुछ बता देती है। जब रिचर्ड पार्कर ने वो हरा डिब्बा निकाला, तो लगा जैसे किसी ने बिजली गिरा दी हो। अलीस ने बिना कुछ कहे बस इशारों में बात कर दी, ये खामोशी शोर से ज्यादा तेज थी। प्यार का किराया चुकाना पड़ रहा है सबको।
फैशन जगत के प्रमुख रिचर्ड पार्कर को देखकर लगता है कि वो सब कुछ नियंत्रण कर रहे हैं, लेकिन उनकी आँखों में वो डर साफ दिख रहा था जब अलीस ने वो डिब्बा वापस किया। मोहन राजेश का सहायक मार्क भी हैरान था। ये कहानी सिर्फ पैसे की नहीं, भावनाओं की है। नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर ऐसे नाटक देखना बहुत मजा देता है।
उस हरे रंग के डिब्बे ने सबकी नींद उड़ा दी। अलीस ने उसे छूने से भी मना कर दिया, और फिर वो सुनहरे बालों वाली महिला जो आई, उसने तो जैसे आग लगा दी। रिचर्ड पार्कर की बेटी अलीस की ये चुप्पी किसी धमाके से कम नहीं थी। प्यार का किराया चुकाना पड़ रहा है सबको।
अलीस को देखकर लगता है कि वो टूट गई है, लेकिन उसने जिस तरह से उस स्थिति को संभाला, वो काबिले तारीफ है। उसने न तो चिल्लाया, न रोया, बस चुपचाप सब कुछ सह लिया। ये खामोशी उसकी सबसे बड़ी ताकत है। प्यार का किराया चुकाना पड़ रहा है सबको।
मार्क, जो रिचर्ड का सहायक है, उसका चेहरा देखकर लग रहा था कि वो कुछ बोलना चाहता है लेकिन डर रहा है। रिचर्ड पार्कर की मजबूरी साफ दिख रही थी। ये पारिवारिक नाटक बहुत गहरा है। नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर ऐसे दृश्य देखना बहुत रोचक लगता है।