जब ईवा व्हाइट ने अपनी प्रेजेंटेशन शुरू की, तो जोशुआ किंग्सले की आँखों में एक अजीब सी चमक थी। वह सिर्फ सुन नहीं रहा था, बल्कि हर शब्द को तोल रहा था। ऑफिस की उस मीटिंग में जो तनाव था, वह प्यार का किराया जैसी किसी फिल्म के सीन से कम नहीं लग रहा था। जोशुआ का हर इशारा बता रहा था कि वह ईवा से कुछ खास उम्मीदें रखता है।
एलिस पार्कर का वह अंदाज, जब वह मीटिंग टेबल पर बैठी सबको देख रही थी, साफ बता रहा था कि उसके मन में कुछ खट्टा चल रहा है। उसकी आँखों में ईवा के लिए एक तरह की जलन साफ दिख रही थी। प्यार का किराया में भी ऐसे ही ऑफिस रोमांस और ईर्ष्या के किस्से होते हैं। एलिस का चुपचाप सब कुछ नोटिस करना और फिर मुस्कुराना, उसके किरदार को और भी रहस्यमयी बना देता है।
जिस पल वह ग्रे सूट वाला शख्स मीटिंग रूम में आया, माहौल बदल गया। उसकी मौजूदगी से ही एक अलग तरह का दबाव बन गया। जब उसने ईवा के कंधे पर हाथ रखा, तो जोशुआ का चेहरा देखने लायक था। प्यार का किराया की कहानियों में अक्सर एक पावरफुल बॉस होता है जो सब कुछ कंट्रोल करता है। लगता है यहाँ भी कुछ ऐसा ही होने वाला है।
जोशुआ और ईवा के बीच की केमिस्ट्री को नजरअंदाज करना नामुमकिन है। जब जोशुआ ईवा के पास खड़ा हुआ और उससे बात करने लगा, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज साफ कह रही थी कि उनके बीच कुछ खास है। प्यार का किराया में भी ऐसे ही छोटे-छोटे पल होते हैं जो बड़ी कहानी कह जाते हैं। उनकी आँखों का मिलना और फिर बातें करना, सब कुछ बहुत गहरा लग रहा था।
पूरी मीटिंग के दौरान एक अजीब सा तनाव बना रहा। ईवा अपनी प्रेजेंटेशन दे रही थी, लेकिन सबकी नजरें सिर्फ उस पर नहीं थीं। जोशुआ, एलिस और वह ग्रे सूट वाला शख्स, सबके चेहरे पर अलग-अलग भाव थे। प्यार का किराया जैसे शो में ऑफिस पॉलिटिक्स और पर्सनल ड्रामा का ऐसा ही मिश्रण देखने को मिलता है। हर कोई कुछ छिपा रहा था।