जब मालिक ने दूरभाष पर वो सीधा प्रसारण देखा, तो उनका चेहरा देखने लायक था। ऑलिविया के माथे पर लिखा वो शब्द सब कुछ बता रहा था। एलिस पार्कर का गुस्सा और बाकी कर्मचारियों की हैरानी, सब कुछ इतना तनावपूर्ण था कि सांस रुक जाए। प्यार का किराया जैसे नाटक में भी इतनी बेइज्जती नहीं होती। ऑलिविया का रोना और माफी मांगना दिल को छू गया।
एलिस पार्कर का व्यवहार सच में चौंकाने वाला है। एक कर्मचारी के साथ ऐसा सलूक? ऑलिविया जमीन पर गिरकर रो रही थी और एलिस बस खड़ी हंस रही थी। ये सिर्फ डांट नहीं, ये तो इंसानियत को कुचलना है। प्यार का किराया में भी खलनायक इतने क्रूर नहीं होते। उम्मीद है मालिक अब सही कदम उठाएंगे, वरना ये कार्यालय जहन्नुम बन जाएगा।
शुरुआत में मालिक का भ्रमित चेहरा और फिर जब उन्हें सच्चाई पता चली, तो उनका गुस्सा साफ दिख रहा था। वो दौड़ते हुए आए, ये दिखाता है कि उन्हें ऑलिविया की फिक्र है। एलिस पार्कर की वो मुस्कान जब ऑलिविया रो रही थी, वो सबसे डरावना दृश्य था। प्यार का किराया की कहानियां भी इतनी भावुक नहीं होतीं जितना ये कार्यालय नाटक है।
बेचारी ऑलिविया, उसकी आंखों में जो डर था वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। माथे पर वो निशान और सबके सामने झुककर माफी मांगना, ये किसी सजा से कम नहीं था। एलिस पार्कर का घमंड देखकर गुस्सा आता है। प्यार का किराया में नायिका पर इतना अत्याचार नहीं होता। काश कोई उसे बचा ले इस मानसिक प्रताड़ना से।
जब ऑलिविया के साथ ये सब हो रहा था, तो बाकी कर्मचारी बस तमाशबीन बने रहे। किसी ने आवाज नहीं उठाई, सिवाय उस लड़के के जो शायद मदद करना चाहता था। ये खामोशी सबसे बड़ा अपराध है। एलिस पार्कर को लगता है कि वो सब कुछ नियंत्रण कर सकती है। प्यार का किराया में भी इतनी बड़ी साजिश नहीं देखी।