प्यार का किराया की शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण है कि साँसें रुक जाएं। बूढ़े आदमी की नज़रें सिर्फ गुस्सा नहीं, बल्कि एक गहरा दर्द बयां कर रही हैं। जब वो लड़की से बात करता है, तो लगता है जैसे वो उसे बचाना चाहता हो, पर हालात मजबूर कर रहे हैं। बेडरूम वाला सीन दिल को छू गया, जहाँ उसकी चिंता साफ झलक रही थी।
ईवा व्हाइट का किरदार इस कहानी की रूह है। उसकी मासूमियत और फिर अचानक बेहोश हो जाना, सब कुछ इतनी तेज़ी से हुआ कि समझ नहीं आया क्या हुआ। जब वो बिस्तर पर होश में आई, तो उसकी आँखों में डर था। प्यार का किराया में ऐसे मोड़ आते हैं जो आपको सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आखिर सच क्या है।
वो आदमी जो हमेशा ग्रे सूट में रहता है, उसके चेहरे पर हमेशा एक अजीब सी मुस्कान रहती है। जब वो ईवा के पास जाता है, तो लगता है जैसे वो कुछ छिपा रहा हो। प्यार का किराया के इस किरदार ने मुझे सबसे ज्यादा हैरान किया। क्या वो दोस्त है या दुश्मन? यह सवाल हर सीन के बाद और गहरा होता जाता है।
जिस कमरे में सब कुछ हो रहा है, उसकी दीवारें भी जैसे चीख रही हों। जब ईवा बेहोश होती है और उसे बिस्तर पर लिटाया जाता है, तो उस कमरे की खामोशी डरावनी लग रही थी। प्यार का किराया ने सिर्फ डायलॉग से नहीं, बल्कि माहौल बनाकर भी कहानी को आगे बढ़ाया है। हर कोने में एक नया राज छिपा है।
सफेद ब्लेजर वाली महिला का गुस्सा और चिल्लाना देखकर लगता है जैसे वो सब कुछ जानती हो। जब वो बुजुर्ग आदमी से बहस करती है, तो हवा में तनाव साफ महसूस होता है। प्यार का किराया में हर किरदार का अपना एक मकसद है, और ये महिला शायद सबसे खतरनाक खेल खेल रही है। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है।