इस दृश्य में सास का गुस्सा साफ दिख रहा है। दुल्हन के माथे पर चोट है फिर भी वह उसे कोस रही हैं। बिस्तर पर लेटी महिला की हालत देखकर लगता है कि कोई बड़ा षड्यंत्र रचा गया है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में ऐसे मोड़ दिल दहला देते हैं। हर कोई एक दूसरे पर शक कर रहा है और सच्चाई कहीं खो गई है। कमरे का माहौल बहुत भारी और डरावना लग रहा है।
दूल्हे के चेहरे पर हैरानी साफ झलक रही है। वह मोबाइल पर किसी से बात कर रहा है जैसे सबूत जुटा रहा हो। शादी के दिन ऐसा हंगामा किसी की उम्मीद नहीं होती। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की कहानी में यह पल सबसे नाजुक है। क्या वह अपनी पत्नी का साथ देगा या परिवार का? यह देखना बाकी है। उसकी आंखों में सवाल हैं। वह सोच में पड़ गया है।
दुल्हन की आंखों में आंसू और माथे पर खून का निशान दिल को छू लेता है। वह चुप खड़ी है पर उसका दर्द साफ दिख रहा है। सास और दूल्हे के बीच की बहस में वह बेचारी फंस गई है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में महिलाओं के संघर्ष को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। काश कोई उसकी मदद करे। वह अकेली पड़ गई है। कोई उसका साथ नहीं दे रहा।
बिस्तर पर लेटी महिला के चेहरे पर गंभीर चोटें हैं। सास उसकी बांह पकड़कर कुछ साबित करने की कोशिश कर रही हैं। क्या यह सब नाटक है या सच में किसी के साथ ज्यादती हुई है? प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की कथा में यह सबसे बड़ा सवाल है। सच्चाई सामने आने में अभी वक्त लगेगा। सब हैरान हैं। सब सन्न रह गए हैं।
अचानक प्रवेश करने वाले हरे कपड़े वाले व्यक्ति ने माहौल बदल दिया। वह दुल्हन को जानता लगता है। उसकी नजरों में चिंता है। शायद वह इस कहानी का अहम हिस्सा है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में नए किरदार का आना कहानी को नया मोड़ देता है। अब देखना है वह किसका साथ देगा। वह चुप खड़ा है। उसकी चुप्पी गहराई बताती है।