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प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हनवां41एपिसोड

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प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन

पूर्व जन्म में, रिया शर्मा और उसकी सहेली रोशनी वर्मा की विवाह के दिन ससुराल वालों और विक्रम सिंघानिया के षड्यंत्र में मृत्यु हो जाती है। पुनर्जन्म पाकर रिया अपनी शादी से पहले रोशनी को सुरक्षित भेज देती है और मामा राकेश शर्मा को बुलाती है। रिया की ननद जाह्नवी गलती से कमरे में जाती है, जहाँ विक्रम उसे रोशनी समझकर दुर्व्यवहार करता है। पति चिराग और सास कमला जाह्नवी को रोशनी समझकर रिया को प्रताड़ित करते हैं। मामा के आने पर सच खुलता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

खौफनाक अंत की शुरुआत

इस कहानी में जब बहू ने सास का गला घोंटना शुरू किया तो मेरी रूह कांप गई। वह पागलपन भरी हंसी किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं थी। पति बीच में आया तो काट लिया गया। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन नामक यह धारावाहिक सच में दिल दहला देने वाला है। हर पल नया मोड़ लेता है और दर्शक को बांधे रखता है। ऐसा लगता है कि घर की शांति हमेशा के लिए खत्म हो गई है और अब सिर्फ खून बहेगा।

शादी की तस्वीर का राज

उस सुनहरे फ्रेम में बंद तस्वीर ने सब कुछ बदल दिया। पति उस तस्वीर को देखकर हैरान था कि आखिर सच क्या है। क्या वही दुल्हन अब इस तरह पागल हो गई है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की कहानी में छिपे राज धीरे धीरे खुल रहे हैं। फोन पर आया संदेश भी कुछ गड़बड़ लग रहा था। शायद बीते काल की कोई गलती अब सामने आ रही है जो सबको निगल रही है।

मां की बेबसी देखी नहीं गई

सोफे पर लेटी हुई मां की हालत देखकर बहुत बुरा लगा। वह कुछ बोल भी नहीं पा रही थी और इशारों में दर्द बता रही थी। बहू का हमला इतना अचानक था कि कोई संभल भी नहीं पाया। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में दिखाया गया यह परिवारिक कलह बहुत गहरा है। लगता है कि सास बहू के रिश्ते में कोई पुरानी दुश्मनी छिपी है जो अब सामने आई है।

पति की मदद बेकार गई

जब पति ने अपनी पत्नी को रोकने की कोशिश की तो उसे खुद चोट लग गई। बांह पर काटने का निशान देखकर साफ था कि वह काबू से बाहर हो चुकी है। वह चीखता रहा पर कोई सुनने वाला नहीं था। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन के इस कड़ी में हिंसा चरम पर थी। शायद उसे किसी का इलाज करवाना चाहिए था पर अब बहुत देर हो चुकी लगती है।

पागलपन या बदला

लड़की का व्यवहार देखकर समझना मुश्किल था कि वह पागल है या बदला ले रही है। कभी वह डर कर छिपती है तो कभी हमला कर देती है। यह दोहरा रूप बहुत खतरनाक लग रहा था। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की पटकथा में यह सबसे मजबूत पक्ष है। दर्शक उलझन में रहता है कि आखिर सच क्या है और कौन झूठ बोल रहा है इस घर में।

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