जब दुल्हन सफेद पोशाक में गिरती है और दूल्हा चिल्लाता है, तो दिल दहल जाता है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की कहानी में ऐसा मोड़ कोई नहीं सोच सकता था। बाहर बहस होती है और फिर अचानक रुमाल से बेहोश करना बहुत चौंकाने वाला है। ये सस्पेंस बहुत गहरा है और दिमाग घुमा देता है। रोशनी का कॉल आता है पर कोई नहीं उठाता। आगे क्या होगा देखना बाकी है।
जमीन पर गिरा फोन और टूटी स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से रोशनी का नाम दिखा। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में ये छोटा सा डिटेिल बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है दर्शकों के लिए। क्या वो लड़की अब सुरक्षित है या नहीं? लड़के ने आखिर क्यों किया ऐसा व्यवहार? अभिनय बहुत नेचुरल और असली लगता है। हर दृश्य में एक नया राज खुलता है। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा ही अलग है।
मासूमियत से बात करते हुए अचानक पीछे से वार करना कायरता है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन का ये दृश्य रोंगटे खड़े कर देता है और डरा देता है। लड़की के हाथ से काली फाइलें गिरती हैं और वो बेसुध हो जाती है जमीन पर। ये कहानी सिर्फ प्यार की नहीं, बदले की लगती है बहुत ज्यादा। संवाद कम लेकिन आँखों में बहुत कुछ कह दिया। बहुत ही शानदार रोमांचक लग रहा है।
पहले घुटनों पर बैठकर माफ़ी मांगता है और फिर हमला कर देता है अचानक। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में किरदारों का दोहरा चेहरा देखने को मिलता है साफ। बाहर का माहौल शांत है पर दिल में शोर मचा हुआ है। शादी वाला फ्लैशबैक सब कुछ बदल देता है पल में। क्या वो सच में दुल्हन थी या कोई और? ये सवाल दिमाग में घूम रहा है। बहुत ही रोचक कहानी है।
सफेद गाउन में वो गिरना आसान नहीं था और दर्दनाक भी लगा। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की शुरुआत ही इतनी तेज और धमाकेदार है। अब ये अपहरण क्यों हुआ आखिरकार? क्या बदला लेना है किसी से? लड़के की आँखों में गुस्सा और डर दोनों साफ दिखते हैं। दृश्य की रोशनी और संगीत बहुत सही बैठता है। दर्शक को बांधे रखने की ताकत है इसमें। जरूर देखें।