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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराजवां52एपिसोड

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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज

आदित्य गलती से एक चालाक पिस्सू बनकर जन्म लेता है। खून चूसकर वह ताकत हासिल करता है, उसके शरीर पर नए निशान उभरते हैं, और एक दिन वह पंख निकालकर आसमान में उड़ेगा। वह हर मुश्किल से बचने के लिए सैकड़ों चालें चलता है। गुप्त अकादमी की ठंडी स्वभाव वाली छात्रा तारा सिंह, जो बाहर से सख्त लेकिन अंदर से कोमल है, उसके भाग्य से जुड़ जाती है। देखते हैं यह छोटा पिस्सू पूरे संसार में तूफान कैसे खड़ा करता है, खून चूसकर देवराज बनता है, और अपनी धमाकेदार कहानी लिखता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कीड़े का हमला चौंकाने वाला था

जंगल के बीच हुए इस मुकाबले में जब लगा कि तलवारें जीत जाएंगी, तभी एक छोटे से कीड़े ने सब पलट दिया। काले कोट वाले योद्धा को नहीं पता था कि उसकी ताकत चूसी जाएगी। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में ऐसे ट्विस्ट देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सिस्टम इंटरफेस दिखाकर यह बता दिया गया कि अब खेल बदलने वाला है। सफेद बालों वाली लड़की की घबराहट साफ दिख रही थी जब उसने लाश के पास जाकर वह ताबीज उठाया। एनिमेशन की क्वालिटी भी काफी शानदार लगी।

लड़की की आंखों में गुस्सा साफ था

जब उसने जमीन पर गिरे हुए योद्धा को देखा तो पहले लगा कि वह डर गई है, लेकिन फिर उसकी आंखों में अजीब सी चमक आ गई। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज के इस सीन में भावनाओं का खेल बहुत गहरा था। उसने वह लकड़ी का पत्ता उठाया और ऐसा लगा कि अब वह बदला लेगी। कीड़ा जो बातें कर रहा था, उसने माहौल को हल्का भी किया और डरावना भी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे एपिसोड देखना बहुत रोमांचक होता है क्योंकि हर पल कुछ नया होता है।

लाल तलवारों का जादू कमाल का था

हरी भरी जंगल में जब लाल रंग की तलवारें हवा में तैरने लगीं तो नज़ारा बहुत खूबसूरत लगा। सफेद बालों वाली जादूगरनी ने बिना हिले अपने दुश्मन को घेर लिया था। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी बहुत तेज है। लेकिन असली खेल तो तब शुरू हुआ जब वह कीड़ा सामने आया। वीडियो एफेक्ट्स और जादुई रोशनी का इस्तेमाल बहुत सही जगह पर किया गया है। दर्शक के रूप में मैं इस कहानी के आगे क्या होगा यह जानने के लिए बेताब हूं।

सिस्टम स्क्रीन ने कहानी बदल दी

अचानक स्क्रीन पर जो नीली रोशनी वाली जानकारी आई, उसने सब कुछ स्पष्ट कर दिया। कीड़े ने खून चूसकर अपने पॉइंट बढ़ा लिए थे। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में गेमिंग वाले एलिमेंट्स का मिलना बहुत दिलचस्प है। योद्धा की हालत खराब हो गई और वह बेहोश होकर गिर गया। यह दिखाता है कि ताकतवर होने के बावजूद छोटी चीजें भी जानलेवा हो सकती हैं। कहानी की रफ्तार बिल्कुल सही है जो दर्शकों को बांधे रखती है।

जंगल का माहौल बहुत रहस्यमयी है

पेड़ पौधों और हरी घास के बीच यह लड़ाई बहुत ही सिनेमैटिक लगी। सूरज की रोशनी और छाया का खेल देखने लायक था। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज के सेट डिजाइन पर काफी मेहनत की गई है। जब वह लड़की झुककर जमीन पर पड़े शख्स को चेक करने लगी तो सस्पेंस बढ़ गया। कीड़े की एंट्री ने इस शांत जंगल में अचानक तनाव पैदा कर दिया। ऐसे विजुअल्स देखकर लगता है कि यह सीरीज लंबी चलने वाली है।

लकड़ी के ताबीज का राज क्या है

उस योद्धा के पास जो नक्काशी वाला लकड़ी का टुकड़ा था, वह किसी साधारण चीज जैसा नहीं लग रहा था। सफेद बालों वाली लड़की ने जब उसे हाथ में लिया तो उसका चेहरा गुस्से से बदल गया। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में हर ऑब्जेक्ट की अपनी कहानी है। शायद यही ताबीज आगे चलकर किसी बड़ी ताकत की चाबी साबित हो। मुझे यह जानने में बहुत दिलचस्पी है कि उस पर लिखे अक्षरों का क्या मतलब है।

कीड़े का किरदार बहुत प्यारा लगा

भले ही वह एक खतरनाक जीव था, लेकिन उसकी आंखें और हावभाव बहुत मासूम लग रहे थे। जब वह योद्धा के सीने पर चढ़ा तो लगा जैसे कोई पालतू जानवर हो। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में विलेन भी क्यूट हो सकते हैं यह साबित हो गया। उसने अपना काम किया और फिर शांति से खड़ा होकर लड़की को देखने लगा। ऐसे किरदार दर्शकों के दिलों में जगह बना लेते हैं। एनिमेशन स्टाइल भी इस किरदार के लिए बहुत सही चुना गया है।

योद्धा का गिरना बहुत अचानक हुआ

जो शख्स इतना ताकतवर लग रहा था, वह एक छोटे से काटने के बाद कैसे ढेर हो गया यह हैरान करने वाला था। उसकी आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था जब जहर असर करने लगा। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में मौत का खतरा हमेशा मंडराता रहता है। जब वह जमीन पर लेट गया तो पूरा माहौल सन्न हो गया। लड़की की घबराहट और फिर गुस्सा इस बात का संकेत है कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

कहानी की रफ्तार बहुत तेज है

शुरू से लेकर अंत तक एक पल के लिए भी बोरियत नहीं होती। पहले लड़ाई, फिर जादू, फिर कीड़े का हमला और अंत में रहस्यमयी ताबीज। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज के हर एपिसोड में इतना कुछ पैक किया गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो देखने का अनुभव बहुत स्मूथ है और क्वालिटी भी अच्छी है। मुझे लगता है कि आगे चलकर यह लड़की और कीड़ा मिलकर कुछ बड़ा करने वाले हैं।

अंत में लड़की का गुस्सा देखने लायक था

जब उसने वह ताबीज देखा तो उसकी आंखें लाल हो गईं और चेहरे पर क्रोध साफ झलक रहा था। ऐसा लगा कि उसने कोई पुरानी दुश्मनी याद कर ली हो। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज के क्लाइमेक्स में इमोशनल ड्रामा बहुत तेज हो जाता है। कीड़ा उसके पास खड़ा था जैसे वह उसका साथी हो। यह जोड़ी आगे चलकर कैसे काम करती है यह देखना बहुत रोमांचक होगा। विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत मजबूत है।