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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराजवां84एपिसोड

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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज

आदित्य गलती से एक चालाक पिस्सू बनकर जन्म लेता है। खून चूसकर वह ताकत हासिल करता है, उसके शरीर पर नए निशान उभरते हैं, और एक दिन वह पंख निकालकर आसमान में उड़ेगा। वह हर मुश्किल से बचने के लिए सैकड़ों चालें चलता है। गुप्त अकादमी की ठंडी स्वभाव वाली छात्रा तारा सिंह, जो बाहर से सख्त लेकिन अंदर से कोमल है, उसके भाग्य से जुड़ जाती है। देखते हैं यह छोटा पिस्सू पूरे संसार में तूफान कैसे खड़ा करता है, खून चूसकर देवराज बनता है, और अपनी धमाकेदार कहानी लिखता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कीड़े का विकास कमाल का है

इस कार्टून में कीड़े का विकास देखकर मज़ा आ गया। शुरू में यह बस खून चूस रहा था, लेकिन फिर जादुई स्क्रीन दिखाई दी। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में ऐसे दृश्य बहुत हैं। ऊर्जा अंक मिलना और जीन बदलना खेल जैसा लगता है। मुझे यह विचार बहुत पसंद आया क्योंकि यह साधारण कीड़े को शक्तिशाली बनाता है। चित्रण भी काफी सहज है।

ड्रेगन की मौत उदास करती है

काले विशालकाय प्राणी को ऐसे लेटे हुए देखकर दिल दुखी हो गया। उसकी नसों में लाल चमक थी जो बहुत खतरनाक लग रही थी। शायद यह किसी बड़ी लड़ाई के बाद हुआ है। सफेद बालों वाली लड़की की प्रतिक्रिया भी देखने लायक थी। उसकी आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। यह दृश्य कहानी की गहराई को दिखाता है।

सफेद बालों वाली लड़की सुंदर है

हरी वर्दी वाली लड़की का डिज़ाइन बहुत प्यारा है। उसकी सफेद बालों की पूंछ और सुनहरी आंखें किसी भी दर्शक का ध्यान खींच सकती हैं। जब वह जलते हुए जंगल में खड़ी थी, तो वह बहुत बहादुर लग रही थी। उसके पास एक छोटा सफेद जानवर भी था जो बहुत प्यारा लग रहा था। मुझे उसका किरदार बहुत पसंद आया।

सिस्टम स्क्रीन बहुत हाईटेक है

जब कीड़े के सामने नीली चमकदार स्क्रीन आई, तो मुझे लगा मैं कोई विज्ञान कथा फिल्म देख रहा हूं। उस पर दिमाग का चित्र और आंकड़े दिखाई दिए। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में तकनीक और जादू का मिश्रण अच्छा है। यह दर्शाता है कि यह दुनिया आधुनिक और प्राचीन दोनों है। मुझे यह बारीकियां बहुत पसंद आईं।

जलता हुआ जंगल डरावना है

पृष्ठभूमि में जलते हुए पेड़ और राख बहुत ही डरावना माहौल बनाते हैं। ऐसा लगता है कि कोई बड़ी तबाही हुई है। लाल और काले रंगों का उपयोग बहुत प्रभावशाली है। यह दृश्य दर्शकों को तनाव महसूस कराता है। कीड़े और लड़की के बीच का संवाद इस माहौल में और भी दिलचस्प लग रहा था। काश यह जगह इतनी उजाड़ न होती।

लंबे कोट वाले पात्र की एंट्री रहस्यमयी है

काले लंबे कोट वाला सुनहरे बालों वाला पात्र अचानक सामने आया। उसका चेहरा शांत था लेकिन उसकी आंखों में कुछ छिपा था। वह लड़की और कीड़े को देख रहा था। मुझे लगता है वह किसी योजना का हिस्सा है। उसकी पोशाक किसी विद्यालय या संस्थान की लग रही थी। उसकी उपस्थिति से कहानी में नया मोड़ आएगा। मैं अगली कड़ी देखने के लिए उत्सुक हूं।

कीड़े का रूप बदलना मजेदार है

पहले कीड़ा साधारण था, फिर वह बदल गया। उसकी आंखें बड़ी हो गईं और वह मुस्कुराने लगा। बाद में वह गुस्से में दिखाई दिया। यह रूप बदलना उसकी शक्ति को दर्शाता है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में पात्रों का विकास तेज़ है। मुझे यह पसंद है कि कैसे एक छोटा जीव इतना महत्वपूर्ण बन जाता है। चित्रण की गुणवत्ता भी शानदार है।

कहानी की शुरुआत बहुत अनोखी है

आम तौर पर नायक इंसान होते हैं, लेकिन यहाँ मुख्य पात्र एक कीड़ा है। यह पुनर्जन्म विषय बहुत लोकप्रिय है। यह दर्शाता है कि कोई भी जीव महत्वपूर्ण हो सकता है। खून चूसकर ऊर्जा पाना थोड़ा अजीब है लेकिन रोमांचक है। मुझे यह नयापन बहुत पसंद आया। यह दर्शकों को बांधे रखता है।

छोटा सफेद जानवर प्यारा है

लड़की के पास जो छोटा सफेद जानवर था, वह बहुत प्यारा लग रहा था। उसकी आंखें नीली थीं और शरीर से नीली चमक निकल रही थी। यह किसी जादुई प्राणी की तरह लगता है। यह लड़की का साथी हो सकता है। ऐसे पालतू जानवर कार्टून में बहुत लोकप्रिय होते हैं। मुझे उम्मीद है कि यह आगे कहानी में मदद करेगा।

इंटरनेट मंच पर देखने का मज़ा

मैंने यह शो इंटरनेट मंच पर देखा और अनुभव बहुत अच्छा रहा। दृश्य गुणवत्ता साफ थी और प्रसारण में कोई रुकावट नहीं थी। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज जैसे शो यहां आसानी से मिल जाते हैं। मैंने बिना रुके कई कड़ियां देखीं। अगर आपको कार्टून पसंद है तो यह जरूर देखें। यह समय बर्बाद नहीं होने देगा।