इस एनिमे की शुरुआत ही कमाल की है। जब कीड़ें को सिस्टम स्क्रीन दिखाई दी तो मैं हैरान रह गया। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज में ऐसा कॉन्सेप्ट पहले नहीं देखा। स्किल अपग्रेड होते देख मज़ा आ गया। एनिमेशन क्वालिटी भी बहुत अच्छी है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव भी बेहतरीन रहा। बग की आँखें बहुत एक्सप्रेसिव हैं। कहानी में नयापन है जो दर्शकों को बांधे रखता है। हर सीन में कुछ नया है।
सफेद बालों वाली छात्रा का किरदार बहुत मज़ेदार है। जब उसने डिब्बे को हिलाया तो मुझे लगा कीड़ा डर जाएगा। परंतु अंत में कीड़े की मुस्कान देखकर मैं दंग रह गया। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज में यह सीन सबसे यादगार है। लड़की की एक्टिंग और कीड़े की हरकतें कमाल की हैं। क्लासरूम का माहौल भी बहुत अच्छे से दिखाया गया है। सभी छात्रों के यूनिफॉर्म हरे रंग के हैं।
क्लासरूम में सूअर और हिरण को देखकर मैं हैरान रह गया। यह कैसी स्कूल है जहाँ जानवर भी पढ़ते हैं? शिक्षक का व्यवहार भी बहुत गंभीर है। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज की कहानी में कई रहस्य छिपे हैं। हरे बालों वाले लड़के का गुस्सा देखकर लगता है कि वह कुछ छिपा रहा है। एनिमेशन की बारीकियां बहुत अच्छी हैं। रंगों का उपयोग बहुत सुंदर है।
जब कीड़े ने अपनी ताकत बढ़ाई तो स्क्रीन पर नंबर बदलते दिखाई दिए। यह सिस्टम वाला हिस्सा मुझे बहुत पसंद आया। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज में पावर अप का तरीका अनोखा है। ऊर्जा बिंदु और जीन बिंदु का जिक्र दिलचस्प है। लड़की ने कीड़े को कांच के डिब्बे में बंद कर दिया। अब आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
शिक्षक और छात्रों के बीच की बातचीत बहुत गंभीर लग रही थी। सफेद बालों वाली लड़की सबसे आगे खड़ी थी। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज में ड्रामा का तड़का बहुत अच्छा है। सभी छात्रों के चेहरे के भाव अलग अलग हैं। कोई चिंतित है तो कोई गुस्से में है। यह दिखाता है कि कहानी में संघर्ष होने वाला है। मुझे अगला एपिसोड देखने का इंतज़ार है।
लड़की ने कीड़े को कांच के डिब्बे में बंद कर दिया और उसे घूरने लगी। कीड़ा भी कम नहीं था, उसने सफेद झंडा दिखाकर मज़ाक उड़ाया। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज में कॉमेडी और एक्शन का मिश्रण है। लड़की का गुस्सा और कीड़े की शरारत देखने लायक है। कमरे का माहौल भी बहुत सुंदर बनाया गया है। लाइटिंग और छायांकन बहुत प्रभावशाली है।
हरे बालों वाले लड़के का चेहरा गुस्से से लाल हो गया था। उसने मुट्ठी भींच ली थी। शायद वह कीड़े से जल रहा है। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज में पात्रों के बीच की रसायन विज्ञान बहुत अच्छी है। हर किसी का अपना स्वभाव है। क्लासरूम की खिड़कियों से बाहर का दृश्य भी सुंदर है। यह शो धीरे धीरे अपने चरम की ओर बढ़ रहा है।
नीली रोशनी वाली स्क्रीन पर कीड़े की जानकारी दिखाई दी। दिमाग का चित्र और अन्य आंकड़े बहुत तकनीकी लग रहे थे। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज में विज्ञान और जादू का मिश्रण है। कीड़े के सींग और पूंछ का डिज़ाइन बहुत प्यारा है। यह साधारण कीड़ा नहीं लग रहा है। इसमें कोई आत्मा छिपी हुई है। दर्शक इसे देखकर हैरान रह जाएंगे।
इस शो को नेटशॉर्ट ऐप पर देखना बहुत सुखद रहा। वीडियो की गुणवत्ता बहुत स्पष्ट है। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज जैसे शो इसी प्लेटफॉर्म पर अच्छे लगते हैं। कहानी की रफ़्तार बहुत अच्छी है। कोई भी सीन बोरिंग नहीं है। लड़की की पोशाक और स्कूल का माहौल बहुत आकर्षक है। मैं सभी को यह शो देखने की सलाह दूंगा।
अंत में कीड़े ने जो शरारती मुस्कान दिखाई वह सबसे बेहतरीन थी। उसने अपनी आँखें बड़ी कर ली थीं। पिस्सू बनकर जन्म? खून चूसके देवराज का अंत बहुत रोमांचक है। लड़की को नहीं पता कि कीड़ा क्या सोच रहा है। यह रहस्य बना हुआ है। एनिमेशन की बारीकियां देखने लायक हैं। कीड़े के एंटीना भी हिल रहे थे। यह शो बहुत मनोरंजक है।