इस दृश्य में लाल कोट पहनी लड़की की आँखों में एक अजीब सी चमक है। जब वह उस लड़के का हाथ पकड़ती है, तो लगता है जैसे वह सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि अपनी जीत का ऐलान कर रही हो। भिखारिन बनेगी मालकिन की कहानी में यह पल सबसे ज्यादा दिलचस्प है क्योंकि यहाँ भावनाओं का खेल साफ दिखाई देता है।
सफेद स्कार्फ पहने लड़के के चेहरे पर हैरानी और डर दोनों साफ झलक रहे हैं। वह न तो पूरी तरह पीछे हट रहा है और न ही आगे बढ़ रहा है। भिखारिन बनेगी मालकिन के इस मोड़ पर लगता है कि वह किसी बड़े फैसले की दहलीज पर खड़ा है, जहाँ उसकी चुप्पी ही सबसे बड़ा जवाब बन गई है।
काले फूलों वाली ड्रेस पहनी लड़की का गुस्सा सिर्फ उसके चेहरे पर नहीं, बल्कि उसके हाथों की मुट्ठियों में भी दिखाई दे रहा है। वह बार-बार कुछ कहने की कोशिश करती है, पर शब्द उसके गले में अटक जाते हैं। भिखारिन बनेगी मालकिन में यह किरदार दर्शकों को सबसे ज्यादा इमोशनल कर देता है।
लाल शॉल ओढ़ी बूढ़ी औरत का अंदाज बिल्कुल वैसे ही है जैसे कोई पुराने जमाने की नाटकबाज़ हो। वह हाथ हिलाकर, आँखें तरेरकर सबको चौंका देती है। भिखारिन बनेगी मालकिन के इस सीन में उसकी एक्टिंग इतनी तेज है कि लगता है जैसे वह असल जिंदगी में भी ऐसा ही करती हो।
जब वह आदमी कार से बाहर निकलकर चिल्लाता है, तो पूरा माहौल बदल जाता है। उसकी आवाज में गुस्सा और हैरानी दोनों हैं। भिखारिन बनेगी मालकिन की कहानी में यह पल एक नया मोड़ लाता है, जैसे कोई पुराना राज खुलने वाला हो।