जैसे ही वह काली कार से उतरी, सबकी नज़रें उस पर टिक गईं। लाल और काले रंग का ड्रेस, गले में चमकदार हार, और चेहरे पर एक अलग ही अहंकार। लगता है भिखारिन बनेगी मालकिन में आज कोई बड़ा ट्विस्ट होने वाला है। उसके पीछे चलती दो सहेलियां भी कम आकर्षक नहीं लग रही थीं, पर असली ध्यान तो बस उसी पर था।
जब लाल कोट पहने वह लड़की सामने आई, तो माहौल में एक अजीब सी तनावपूर्ण खामोशी छा गई। उसकी आंखों में गुस्सा और चेहरे पर एक अलग ही तेज था। भिखारिन बनेगी मालकिन के इस सीन में लग रहा था कि अब असली खेल शुरू होने वाला है। दोनों तरफ से नज़रें मिल रही थीं, जैसे दो तूफान आमने-सामने खड़े हों।
सफेद स्कार्फ और काले कोट में वह युवक जब सामने आया, तो लगा जैसे कहानी का नायक एंट्री ले रहा हो। उसकी आंखों में हैरानी और चेहरे पर एक अजीब सी बेचैनी थी। भिखारिन बनेगी मालकिन में शायद यही वह शख्स है जो इन दोनों के बीच का पुल बनने वाला है। उसका हर एक्सप्रेशन कहानी कह रहा था।
भूरे रंग के फर वाले सूट में वह लड़की बहुत चालाक लग रही थी। वह काले ड्रेस वाली के कंधे पर हाथ रखकर कुछ कह रही थी, जैसे उसे उकसा रही हो। भिखारिन बनेगी मालकिन में ऐसे किरदार अक्सर आग में घी डालने का काम करते हैं। उसकी मुस्कान में एक अलग ही चालाकी थी जो साफ झलक रही थी।
पीछे लाल रंग का पर्दा और उस पर सुनहरे डिजाइन, माहौल को बहुत ही त्योहारी बना रहे थे। लेकिन इन लोगों के चेहरे पर खुशी की जगह तनाव साफ दिख रहा था। भिखारिन बनेगी मालकिन का यह सीन बता रहा है कि बाहर से सब कुछ ठीक लग रहा है, लेकिन अंदर ही अंदर कुछ बड़ा होने वाला है।