जब लाल कोट पहनी लड़की ने कार की चाबी और फाइल उस लड़के को दी, तो सबकी सांसें रुक गईं। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी, जैसे वह कह रही हो कि अब खेल बदलने वाला है। भिखारिन बनेगी मालकिन की यह सबसे बेहतरीन मोड़ है जहां कमजोर दिखने वाली पात्र असली ताकतवर निकलती है। उस लड़के का हैरान चेहरा देखकर मजा आ गया।
वह औरतें जो महंगे कपड़े पहनकर घमंड दिखा रही थीं, असल में कुछ भी नहीं हैं। लाल कोट वाली लड़की ने बिना कुछ कहे सबको सबक सिखा दिया। उसने न तो चिल्लाया और न ही झगड़ा किया, बस अपनी मौजूदगी से सबको छोटा कर दिया। भिखारिन बनेगी मालकिन में यही तो बात है कि असली ताकत शोर में नहीं, खामोशी में होती है।
उस लड़के की आंखों में जो अफसोस था, वह साफ दिख रहा था। शायद उसे अब एहसास हुआ कि उसने क्या खो दिया है। लाल कोट वाली लड़की ने उसे चाबी दी, लेकिन उसका दिल अब उसके पास नहीं है। भिखारिन बनेगी मालकिन का यह सीन दिल को छू लेता है क्योंकि यह दिखाता है कि पछतावा कितना दर्दनाक होता है।
वह लड़की जो काले चमड़े की ड्रेस में थी, उसने बड़ी चुप्पी से अपना काम किया। वह जानती थी कि असली खेल क्या है। उसने लाल कोट वाली लड़की को फाइल दी और पीछे हट गई। भिखारिन बनेगी मालकिन में ऐसे पात्र बहुत महत्वपूर्ण होते हैं जो पर्दे के पीछे से सब कुछ कंट्रोल करते हैं। उसकी स्माइल में एक राज था।
लाल साड़ी वाली बूढ़ी औरत का गुस्सा देखकर हंसी आ रही थी। वह सोचती थी कि वह सब कुछ कंट्रोल कर सकती है, लेकिन लाल कोट वाली लड़की ने उसकी सारी चालें फेल कर दीं। भिखारिन बनेगी मालकिन में ऐसे विलेन पात्र बहुत मजेदार होते हैं जो अंत में हार जाते हैं। उसका चेहरा देखकर लग रहा था जैसे उसकी दुनिया हिल गई हो।