इस दृश्य में सबसे ज्यादा असर लाल कोट पहनी लड़की की खामोशी ने किया है। जब बाकी सब शोर मचा रहे हैं और तमाशा कर रहे हैं, तो उसका शांत खड़ा होना एक अलग ही ताकत दिखाता है। भिखारिन बनेगी मालकिन में ऐसे किरदार ही असली हीरो होते हैं जो बिना बोले सब कुछ कह जाते हैं। उसकी आँखों में जो ठंडक है, वो चीखने वालों से ज्यादा डरावनी लग रही है।
भूरे रंग के फर वाले सूट में वो लड़की जो इतना शोर मचा रही थी, उसे एक थप्पड़ में चुप करा दिया गया। उसका चेहरा देखकर लग रहा था जैसे उसे यकीन ही नहीं हो रहा कि उसके साथ ऐसा हुआ। भिखारिन बनेगी मालकिन के इस एपिसोड में ये सीन सबसे बेहतरीन था जहाँ घमंडी इंसान को उसकी औकात याद दिला दी गई। उसका रोना और पॉज देना बहुत ओवरएक्टिंग लग रहा था।
नीले सूट वाले उस बूढ़े आदमी ने जब थप्पड़ मारा, तो लगा कि ये कोई एक्टिंग नहीं बल्कि असली गुस्सा है। उसकी आँखों में जो नफरत और गुस्सा था, वो कैमरे के पार भी महसूस हो रहा था। भिखारिन बनेगी मालकिन में ऐसे किरदार अक्सर कहानी को मोड़ देते हैं। उसने बिना एक शब्द बोले अपनी ताकत का परिचय दे दिया और सबको डरा दिया।
मरून रंग के सूट में वो लड़का बस खड़ा तमाशा देख रहा था। जब उसकी बहन या दोस्त को थप्पड़ मारा गया, तो वो कुछ कर नहीं पाया। उसका चेहरा बता रहा था कि वो अंदर से टूट गया है लेकिन मजबूरी है। भिखारिन बनेगी मालकिन में ऐसे पल बहुत आते हैं जहाँ पावरफुल लोगों के आगे कमजोर लोग बस देखते रह जाते हैं। उसकी आँखों में लाचारी साफ दिख रही थी।
जब वो थप्पड़ लगा, तो सिर्फ वही नहीं डरी जो मारी गई, बल्कि पीछे खड़ी दूसरी औरतें भी सहम गईं। खासकर वो काली ड्रेस वाली और बुजुर्ग औरत जिनके चेहरे पर सफेद मोती थे। उनकी आँखों में डर साफ दिख रहा था। भिखारिन बनेगी मालकिन में ये दिखाया गया है कि कैसे एक एक्शन से पूरा माहौल बदल जाता है। सबकी सांसें रुक गई थीं उस पल।