इस दृश्य में लाल कोट पहनी लड़की का आत्मविश्वास देखकर मजा आ गया। जब वह फोन पर बात कर रही थी, तो उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। भिखारिन बनेगी मालकिन कहानी में ऐसे पल ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। काले कोट वाले लड़के का हैरान चेहरा और पीछे खड़ी औरतों की जलन साफ दिख रही थी। यह सिर्फ एक आम झगड़ा नहीं, बल्कि एक बड़े बदलाव की शुरुआत लगती है।
काली और लाल ड्रेस मिक्स करके पहनने वाली लड़की को लगा था कि वह सबको हैरान कर देगी, लेकिन लाल कोट वाली ने तो पलक झपकते ही सबका ध्यान खींच लिया। उसका स्टेटमेंट क्लियर था - मैं यहाँ अपनी जगह बनाने आई हूं। भिखारिन बनेगी मालकिन में ऐसे किरदार ही असली हीरो होते हैं जो चुपचाप अपनी ताकत दिखा देते हैं। बाकी सब बस शोर मचा रहे थे।
सफेद स्कार्फ पहने लड़के का रिएक्शन देखकर हंसी आ गई। वह समझ नहीं पा रहा था कि अचानक माहौल कैसे बदल गया। एक तरफ शानदार कपड़ों में सजी लड़कियां, दूसरी तरफ सादगी में भी राज करने वाली लाल कोट वाली। भिखारिन बनेगी मालकिन की कहानी में यही तो खास है - बाहरी चमक नहीं, अंदर की ताकत मायने रखती है। उसका चेहरा देखकर लग रहा था जैसे वह कुछ बड़ा सोच रहा हो।
पीछे खड़ी भूरे कोट और हरे स्वेटर वाली लड़कियों के चेहरे पर जो जलन थी, वह साफ पढ़ी जा सकती थी। उन्हें लगा था कि वे इस पार्टी की रानी हैं, लेकिन लाल कोट वाली ने आते ही सबका गेम खत्म कर दिया। भिखारिन बनेगी मालकिन में ऐसे सीन बहुत अच्छे लगते हैं जहां कम बोलकर ज्यादा असर दिखाया जाता है। उनकी आंखें सब कुछ कह रही थीं - अब क्या होगा?
पीछे लगा लाल बैकड्रॉप और उस पर बना शुभ का निशान पूरे सीन को एक अलग ही रंग दे रहा था। यह सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि एक बड़े उत्सव का माहौल था। भिखारिन बनेगी मालकिन में ऐसे सेट डिजाइन कहानी को और भी गहरा बना देते हैं। लाल रंग की बहुलता और लोगों के कपड़ों का कंट्रास्ट देखकर लग रहा था जैसे कोई बड़ा नाटक शुरू होने वाला हो। हर डिटेल पर ध्यान दिया गया है।