वो इतनी शांत खड़ी थी, जैसे सब कुछ प्लान किया हुआ हो। उसकी नेकलेस, उसकी मुस्कान, सब कुछ परफेक्ट था। पर जब वो चली गई, तो लगता है जैसे वो कुछ छोड़ गई है - शायद एक संकेत। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है - ये लाइन सुनकर तो लगता है कि वो भी इस कहानी का हिस्सा है। क्या वो वकील की पत्नी है? या फिर कोई और? हर ग्लैंस में छुपा है एक नया राज।
जब वो फाइल देती है, तो लगता है जैसे वो अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती सुधार रही है। वकील उसे देखता है, पर कुछ नहीं कहता। शायद वो जानता है कि फाइल में क्या है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है - ये डायलॉग सुनकर तो लगता है कि फाइल में सिर्फ कागजात नहीं, दिल के टुकड़े भी हैं। क्या वो उसे माफ कर देगा? या फिर कोर्ट में ले जाएगा?
हर चीज़ इतनी साफ-सुथरी है, पर माहौल में इतना तनाव है कि लगता है जैसे कोई बड़ा धमाका होने वाला है। किताबें, पौधे, फ्रेम - सब कुछ परफेक्ट है, पर लोगों के चेहरे पर नहीं। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है - ये लाइन सुनकर तो लगता है कि ये ऑफिस सिर्फ काम की जगह नहीं, भावनाओं का अखाड़ा भी है। क्या यहाँ प्यार जीतेगा या कानून?
जब वो फोन उठाता है और नंबर डायल करता है, तो लगता है कि अब सब कुछ खत्म होने वाला है। उसकी आवाज़ में ठंडक है, पर आँखों में दर्द। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है - ये डायलॉग सुनकर तो लगता है कि ये फोन कॉल सिर्फ एक कॉल नहीं, एक फैसला है। क्या वो उसे बचाने की कोशिश कर रहा है? या फिर खुद को?
जब वो फोन देखती है, तो उसके चेहरे पर एक अजीब सी बेचैनी है। शायद वो किसी का मैसेज देख रही है, या फिर कोई नंबर डायल करने की कोशिश कर रही है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है - ये लाइन सुनकर तो लगता है कि फोन में भी कोई राज छुपा है। क्या वो किसी से मदद मांग रही है? या फिर सबूत इकट्ठा कर रही है?