चर्च के अंदर का माहौल बेहद रोमांटिक है, लेकिन जब दुल्हन मंडप पर पहुंचती है तो सब कुछ बदल जाता है। दूल्हे की मुस्कान और दुल्हन का डरा हुआ चेहरा सब कुछ बता रही है। पादरी की अजीब हरकतें और दोस्तों का व्यवहार सब कुछ संदिग्ध बना देता है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है जैसे टाइटल से लगता है कि यह शादी किसी बड़े धोखे की शुरुआत है।
दूल्हा जितना खुश दिख रहा है, उतना ही उसके दोस्त का व्यवहार संदिग्ध लग रहा है। जब वे दोनों गले मिलते हैं तो ऐसा लगता है जैसे कोई पुरानी दुश्मनी या गहरा राज सामने आने वाला हो। पादरी की अजीब हरकतें और दुल्हन का डरा हुआ चेहरा सब कुछ बदल देता है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है कहानी में ऐसा ट्विस्ट कोई नहीं सोच सकता था।
दुल्हन जब मंडप पर पहुंचती है तो उसके चेहरे पर खुशी नहीं, बल्कि डर साफ दिख रहा है। पादरी का व्यवहार भी सामान्य नहीं लग रहा, जैसे वह किसी नाटक का हिस्सा हो। दूल्हा और दुल्हन के बीच की दूरी और अजीब खामोशी सब कुछ बता रही है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है जैसे टाइटल से लगता है कि यह शादी किसी बड़े धोखे की शुरुआत है।
शादी के दौरान दूल्हे का दोस्त बार-बार अजीब हरकतें कर रहा है, जैसे वह कुछ छिपा रहा हो। जब वह दूल्हे को गले लगाता है तो ऐसा लगता है जैसे वह उसे कोई संकेत दे रहा हो। पादरी का चेहरा देखकर लगता है कि वह सब जानता है लेकिन चुप है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है कहानी में ऐसा ट्विस्ट कोई नहीं सोच सकता था।
चर्च के अंदर का माहौल बेहद रोमांटिक है, लेकिन जब दुल्हन मंडप पर पहुंचती है तो सब कुछ बदल जाता है। दूल्हे की मुस्कान और दुल्हन का डरा हुआ चेहरा सब कुछ बता रहा है। पादरी की अजीब हरकतें और दोस्तों का व्यवहार सब कुछ संदिग्ध बना देता है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है जैसे टाइटल से लगता है कि यह शादी किसी बड़े धोखे की शुरुआत है।