इस सीन में साफ दिख रहा था कि पावर किसके हाथ में है। महिला का आत्मविश्वास और आदमी की बेचैनी इस बात का सबूत था। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में पावर गेम्स को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। जब वह आदमी उठा और चला गया, तो महिला की जीत साफ दिख रही थी। बार की लाइटिंग इस मूड को परफेक्ट बना रही थी।
वह कागज का टुकड़ा शायद कोई साधारण रसीद नहीं थी, बल्कि तलाक के कागजात हो सकते हैं। महिला की मुस्कान में एक अजीब सा सुकून था, जैसे उसने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार यह कदम उठा लिया हो। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की थीम इसी तरह के टफ डिसीजन के इर्द-गिर्द घूमती है। बारटेंडर का रिएक्शन दर्शकों का प्रतिनिधित्व कर रहा था।
जब आदमी चला गया और महिला अकेली रह गई, तो उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक थी। यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत थी। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में दिखाया गया है कि कैसे मुश्किल फैसले इंसान को आजाद करते हैं। बारटेंडर का नोट्स लेना इस बात का संकेत था कि यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
उसकी बॉडी लैंग्वेज और आंखों में चमक साफ बता रही थी कि वह किसी बड़ी योजना पर काम कर रही है। जब उसने वह दस्तावेज दिखाया, तो सामने वाले आदमी का रिएक्शन देखने लायक था। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की कहानी में यह सीन सबसे ज्यादा इंटेंस है। बार में चल रही यह बातचीत किसी कोर्ट रूम ड्रामा से कम नहीं लग रही थी।
लाल बालों वाली बारटेंडर का रिएक्शन इस सीन की जान है। वह बस खड़ी होकर सब कुछ सुन रही थी और उसकी आंखों में सवाल साफ दिख रहे थे। जब उसने नोटपैड निकाला, तो लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी चुप्पी भी बहुत कुछ कह रही थी।