जब वो लड़की अपनी बाहें बांधती है और वो लड़का उसकी तरफ देखता है, तो लगता है जैसे हवा में करंट दौड़ गया हो। ये शो सिर्फ डायलॉग पर नहीं, बल्कि बॉडी लैंग्वेज पर भी चलता है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की ये केमिस्ट्री दर्शकों को बांधे रखती है। हर फ्रेम में एक नई कहानी छिपी है।
पहले लग रहा था कि ये बस एक ऑफिस मीटिंग है, लेकिन जैसे - जैसे बात आगे बढ़ी, माहौल बदलता गया। लड़के की मुस्कान और लड़की का गंभीर चेहरा बता रहा है कि कुछ गड़बड़ है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ट्विस्ट्स ही तो जान हैं। दर्शक हर पल कुछ नया उम्मीद करते हैं।
कभी - कभी शब्दों से ज़्यादा असर खामोशी का होता है। इस क्लिप में दोनों किरदार बिना कुछ बोले ही एक - दूसरे को सब कुछ बता रहे हैं। ये खामोशी दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की यही खूबी है कि ये सीधे दिल से बात करता है।
ये दोनों एक - दूसरे से प्यार करते हैं या नफरत? ये सवाल हर दर्शक के मन में उठता है। लड़की का गुस्सा और लड़के का धैर्य देखकर लगता है कि इनके बीच कुछ पुरानी बातें चल रही हैं। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे रिश्तों को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है।
दोनों एक्टर्स ने बिना एक शब्द बोले ही अपनी भावनाएं व्यक्त कर दीं। लड़की की आँखों में गुस्सा और लड़के की मुस्कान में छिपी चिंता साफ दिख रही थी। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है की एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि लगता है जैसे हम असल ज़िंदगी के किसी पल को देख रहे हों।