लाल साड़ी वाली औरत इतनी खूबसूरत लग रही थी, पर उसकी आँखों में एक रहस्य था। जब वो उस काले सूट वाले के पास खड़ी हुई, तो लगा जैसे दोनों के बीच कोई गहरा रिश्ता हो। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ही पल आते हैं जहाँ सब कुछ स्पष्ट नहीं होता, पर दिल जान जाता है। उसकी मुस्कान में एक चाल थी, जैसे वो कुछ छिपा रही हो। और वो वेटर? उसकी आँखों में डर साफ़ दिख रहा था। क्या वो जानती है कुछ ज्यादा?
वेटर की आँखों में जो डर था, वो सब कुछ बता रहा था। वो सिर्फ़ एक नौकर नहीं, बल्कि किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा लग रहा था। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ही किरदार होते हैं जो चुपचाप सब देखते हैं, पर कुछ नहीं कहते। हरी साड़ी वाली औरत जब उससे बात कर रही थी, तो लगा जैसे वो उससे कुछ पूछ रही हो। और वो आदमी बिना बाजू की कमीज़ में? उसकी मुस्कान में एक अजीब सी बात थी। क्या वो सब जानता है?
काले सूट वाला आदमी इतना शांत था, जैसे वो सब कुछ जानता हो। उसकी आँखों में एक गहराई थी, जैसे वो किसी बड़े राज़ का हिस्सा हो। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ही किरदार होते हैं जो चुपचाप सब कुछ कंट्रोल करते हैं। लाल साड़ी वाली उसके पास खड़ी थी, पर उसकी नज़रें कहीं और थीं। क्या वो दोनों एक साथ हैं? या बस एक नाटक कर रहे हैं? जो भी हो, ये दृश्य दिल को छू गया।
हरी साड़ी वाली और लाल साड़ी वाली के बीच एक अजीब सी टकराहट थी। दोनों एक दूसरे को देख रही थीं, जैसे दोनों के बीच कोई पुरानी दुश्मनी हो। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ही पल आते हैं जहाँ दो औरतों के बीच की जंग शुरू हो जाती है। हरी साड़ी वाली की आँखों में गुस्सा था, जबकि लाल साड़ी वाली मुस्कुरा रही थी। क्या वो जानबूझकर उसे चिढ़ा रही थी? या बस एक खेल खेल रही थी?
बिना बाजू की कमीज़ वाला आदमी इतना आत्मविश्वास से भरा था, जैसे वो सब कुछ जानता हो। उसकी मुस्कान में एक अजीब सी बात थी, जैसे वो किसी बड़े राज़ का हिस्सा हो। मेरा डिवोर्स वकील मेरा पति है में ऐसे ही किरदार होते हैं जो चुपचाप सब कुछ कंट्रोल करते हैं। जब वो हरी साड़ी वाली से बात कर रहा था, तो लगा जैसे वो उसे कुछ समझा रहा हो। क्या वो दोनों के बीच कुछ चल रहा है?