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वह सब हार गई

सुमित्रा वर्मा को नहीं पता था कि उनके बेटे की मंगेतर उनकी ही संपत्ति के लिए जाल बुन रही है। गाँव से लौटते ही उन्होंने बेटी गीता के लिए शहर का रास्ता पकड़ा। सामने थी बेटे की शादी, और दिल में थी बहू के लिए करोड़ों के उपहार चुनने की खुशी। लेकिन जिस दुकान में वह भावी बहू के लिए गहने देखने जा रही थीं, वहाँ लीला अपने भाई के साथ उसी वक्त उनके ही भरोसे का गला घोंटने की ताक में बैठी थी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बूढ़ी माँ का दर्दनाक सफर

इस दृश्य में बूढ़ी माँ की पीड़ा और बेटी की मजबूरी देखकर दिल दहल गया। वह सब हार गई कहानी में जब माँ ज़मीन पर गिरती है और बेटी उसे उठाने की कोशिश करती है, तो लगता है जैसे पूरी दुनिया उनके खिलाफ हो गई हो। ज्वैलरी स्टोर का माहौल और भी डरावना लग रहा था।

बेटी की आँखों में आँसू

बेटी की आँखों में छलकते आँसू और माँ के लिए उसकी चिंता देखकर रोना आ गया। वह सब हार गई में जब बेटी माँ को सहारा देने की कोशिश करती है, तो लगता है जैसे वह अपनी पूरी ताकत लगा रही हो। इस दृश्य ने दिल को छू लिया।

ज्वैलरी स्टोर का डरावना माहौल

ज्वैलरी स्टोर का माहौल इतना तनावपूर्ण था कि साँस लेना मुश्किल हो गया। वह सब हार गई में जब माँ ज़मीन पर गिरती है और लोग उसे घेर लेते हैं, तो लगता है जैसे वह कोई अपराधी हो। इस दृश्य ने दिल को झकझोर दिया।

माँ की मजबूरी और बेटी की बेबसी

माँ की मजबूरी और बेटी की बेबसी देखकर दिल टूट गया। वह सब हार गई में जब माँ ज़मीन पर गिरती है और बेटी उसे उठाने की कोशिश करती है, तो लगता है जैसे वह अपनी पूरी ताकत लगा रही हो। इस दृश्य ने दिल को छू लिया।

लोगों की बेरुखी

लोगों की बेरुखी और उनकी निष्ठुरता देखकर गुस्सा आ गया। वह सब हार गई में जब माँ ज़मीन पर गिरती है और लोग उसे घेर लेते हैं, तो लगता है जैसे वह कोई अपराधी हो। इस दृश्य ने दिल को झकझोर दिया।

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