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Badla Swayamvar

Sanjana aur Shalu do behan hain. Pehli zindagi mein Sanjana ne Karan Sinha ko chuna aur woh Rajlakshmi ban gayi. Shalu ka jeevan barbaad ho gaya. Shalu ne jalan mein Sanjana ko maar diya. Phir dono Punarjanam le kar Swayamvar ke din wapas aati hain. Is baar Shalu pehle Karan ko chun leti hai aur Sanjana ko bheekh maangne wale ke paas bhej deti hai. Lekin woh bheekh maangne wala chhupa hua samraat hai jo Sanjana se prem karne lagta hai. Kya Sanjana sukh paayegi? Kya Shalu jalan ki sazaa bhogegi?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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युद्ध की शुरुआत और जीत

अंत में संजना और दूसरी लड़की की नजरें मिलती हैं तो लगता है युद्ध तय है। बदला स्वयंवर में प्रतिद्वंद्विता साफ झलकती है। करन सिन्हा का चुना जाना संजना के लिए अच्छा है। पोशाकें और गहने बहुत भव्य हैं। यह ऐतिहासिक ड्रामा अपनी श्रेणी में बेहतरीन है। हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है। मजेदार कहानी है।

शालू का पागलपन और अंत

शालू की आंखों में पागलपन साफ दिख रहा था जब उसने वार किया। संजना की मौत के बाद कहानी में नया जान आया। बदला स्वयंवर का नाम ही काफी है। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो देखने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। बिना रुके देखते रहे। अब सबकी नजरें करन सिन्हा पर हैं। आगे की कहानी बहुत रोचक होगी।

परिवार के झगड़े और सच

परिवार के बीच बैठक का दृश्य बहुत तनावपूर्ण था। राजेश शर्मा की उंगली का इशारा कई सवाल खड़े करता है। संजना अब चुप नहीं बैठेगी। बदला स्वयंवर में हर रिश्ते की परख हो रही है। कल्याणी देवी की चालें नाकाम होंगी। संजना की जीत निश्चित है। यह कहानी महिला सशक्तिकरण को भी दर्शाती है।

मौत के बाद नई जिंदगी

संजना जब जमीन पर गिरती है तो दर्द महसूस हुआ। फिर अचानक जागना किसी चमत्कार से कम नहीं था। बदला स्वयंवर में किस्मत का खेल देखा जा सकता है। करन सिन्हा की एंट्री धमाकेदार थी। भीड़ का शोर और गेंद का उड़ना सिनेमेटिक था। ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मन करता है। बहुत ही बेहतरीन प्रस्तुति है।

संजना का बदलाव देखकर हैरानी

संजना शर्मा के चेहरे पर वह झटका देखकर दिल दहल गया जब शालू ने चाकू घोंपा। मौत के बाद फिर जागना किसी सपने जैसा लगा। बदला स्वयंवर की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। संजना अब बदलाव लेकर आएगी। नेटशॉर्ट ऐप पर यह ड्रामा देखना रोमांचक है। हर पल नया सस्पेंस बना रहता है।

राजेश शर्मा का गुस्सा और प्यार

राजेश शर्मा की डांट में छिपा दर्द साफ झलकता है। संजना जब नई जिंदगी पाती है तो उसकी आंखों में चमक बदल जाती है। कल्याणी देवी की चालाकी देखकर गुस्सा आता है। बदला स्वयंवर में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। यह सीन देखकर लगा कि अब असली खेल शुरू होगा। संजना की ताकत को सलाम।

शालू की नफरत और धोखा

शालू शर्मा की नफरत आंखों से साफ दिख रही थी। उसने संजना को धोखा दिया पर अब सब बदल गया है। पीले रंग का स्क्रॉल और खून का निशान यादगार बना। बदला स्वयंवर की पटकथा बहुत मजबूत है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ही शो देखने को मिलते हैं जो दिल को छू लेते हैं। कलाकारों की एक्टिंग लाजवाब है।

करन सिन्हा की धमाकेदार एंट्री

करन सिन्हा जब गेंद पकड़ते हैं तो माहौल में सनसनी फैल जाती है। संजना की मुस्कान में अब रहस्य छिपा है। बालकनी वाला सीन बहुत खूबसूरत तरीके से फिल्माया गया है। बदला स्वयंवर में प्रेम और प्रतिशोध का मिश्रण है। दर्शक हर पल बंधे रहते हैं। यह कहानी आगे क्या मोड़ लेगी देखना बाकी है।

कल्याणी देवी की चालाकी

कल्याणी देवी का चेहरा देखकर लगा कि वे कुछ छिपा रही हैं। संजना की सौतेली मां होने का नाता निभाना मुश्किल है। परिवार के झगड़े में संजना अकेली पड़ गई थी। बदला स्वयंवर में अब वह अकेली नहीं लड़ेगी। राजेश शर्मा का रवैया भी संदेह पैदा करता है। कहानी में गहराई है जो पसंद आई।

पोशाक और बदलाव का प्रतीक

हरे पोशाक से नारंगी पोशाक तक का सफर संजना के बदलाव को दर्शाता है। शालू की क्रूरता देखकर रोंगटे खड़े हो गए। बदला स्वयंवर का हर एपिसोड नई उम्मीद देता है। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी बहुत आसान है। वीडियो की क्वालिटी और साउंड इफेक्ट्स बहुत प्रभावशाली हैं। यह ड्रामा बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए।

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