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Badla Swayamvar

Sanjana aur Shalu do behan hain. Pehli zindagi mein Sanjana ne Karan Sinha ko chuna aur woh Rajlakshmi ban gayi. Shalu ka jeevan barbaad ho gaya. Shalu ne jalan mein Sanjana ko maar diya. Phir dono Punarjanam le kar Swayamvar ke din wapas aati hain. Is baar Shalu pehle Karan ko chun leti hai aur Sanjana ko bheekh maangne wale ke paas bhej deti hai. Lekin woh bheekh maangne wala chhupa hua samraat hai jo Sanjana se prem karne lagta hai. Kya Sanjana sukh paayegi? Kya Shalu jalan ki sazaa bhogegi?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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कंधे का सहारा

अंत में जब उसने उसके कंधे पर हाथ रखा तो बहुत अच्छा लगा। यह सहारे का पल था। दोनों के बीच की दूरी कम हो गई थी। यह दृश्य बहुत भावनात्मक था। ऐसे पल दर्शकों के दिल में जगह बना लेते हैं। बदला स्वयंवर की यह समाप्ति बहुत प्यारी है।

गलत अनुमान

मुझे लगा था कि वह अमीर लड़के को चुनेगी। लेकिन बदला स्वयंवर ने मेरा अनुमान गलत साबित कर दिया। यह अप्रत्याशित मोड़ बहुत अच्छा लगा। कहानी में रोमांच बना हुआ है। अब देखना है कि आगे क्या होता है और कौन जीतता है। यह सस्पेंस बहुत बढ़िया है।

गेंद का वादा

जब उसने वह गेंद उसके हाथ में दी तो सब कुछ बदल गया। यह सिर्फ एक उपहार नहीं था बल्कि वादा था। इस छोटी सी चीज ने पूरी कहानी बदल दी। प्रतीकात्मकता बहुत अच्छी थी। ऐसे छोटे विवरण कहानी को बड़ा बनाते हैं। बदला स्वयंवर में यह सीन यादगार बन गया।

हैरान चेहरा

उस लड़के का चेहरा शुरू में बहुत हैरान था। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि उसने उसे चुना है। लेकिन बाद में उसकी आंखों में बदलाव साफ दिख रहा था। बदला स्वयंवर में किरदारों के भाव बहुत गहरे हैं। यह अभिनय बहुत प्रभावशाली है और दर्शकों को बांधे रखता है।

बहादुरी का फैसला

उस लड़की ने बहुत बहादुरी दिखाई जब उसने उस गरीब दिखने वाले लड़के को चुना। सब लोग हैरान थे कि उसने अमीर घराने को छोड़ दिया। बदला स्वयंवर में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। उसकी आंखों में साफ दिख रहा था कि वह दिल से जुड़ी है। पुराने जमाने की यह कहानी दिल को छू लेती है और हर किसी को हैरान कर देती है।

जानलेवा बचाव

जब वह टोकरी गिर रही थी तो उसने तुरंत उसे बचा लिया। यह पल बहुत रोमांचक था और उनकी केमिस्ट्री देखते ही बनती है। लगता है कि यह कहानी आगे बहुत दिलचस्प होने वाली है। सुरक्षा की यह भावना सच्चे प्यार को दर्शाती है। बदला स्वयंवर में ऐसे एक्शन सीन बहुत अच्छे लगते हैं।

पिता का गुस्सा

उस बूढ़े आदमी का गुस्सा साफ दिख रहा था। वह चाहता था कि उसकी बेटी किसी अमीर से शादी करे। लेकिन बेटी ने अपनी मर्जी चलाई। बदला स्वयंवर की यह कहानी पारिवारिक संघर्ष को भी दिखाती है। माता-पिता की इच्छा और बच्चों की पसंद का टकराव बहुत अच्छे से दिखाया गया है।

जलन की आग

हरे कपड़े वाली लड़की की जलन साफ झलक रही थी। उसे लगा था कि वह जीत जाएगी। लेकिन जब उसने देखा कि चुनौली किसने दी तो उसका चेहरा उतर गया। यह ईर्ष्या कहानी में नया मोड़ लाती है। ऐसे किरदार कहानी को और रोचक बनाते हैं। बदला स्वयंवर में यह ड्रामा बहुत बढ़िया है।

पोशाक की खूबसूरती

उस लड़की की पोशाक बहुत सुंदर थी। नारंगी रंग उस पर बहुत जच रहा था। सिर के गहने और कपड़े की बनावट बहुत बारीक थी। बदला स्वयंवर में कॉस्ट्यूम डिजाइन पर बहुत ध्यान दिया गया है। हर दृश्य में एक अलग खूबसूरती दिखाई देती है और देखने में बहुत अच्छा लगता है।

भीड़ का शोर

भीड़ की प्रतिक्रियाएं बहुत असली लग रही थीं। सब लोग हैरानी से देख रहे थे कि क्या हो रहा है। ऐसा लग रहा था कि हम भी उसी गांव में खड़े हैं। माहौल बहुत जीवंत था। ऐसे दृश्य दर्शकों को कहानी में बांधे रखते हैं। बदला स्वयंवर का सेट डिजाइन बहुत प्रशंसनीय है।

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