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Badla Swayamvar

Sanjana aur Shalu do behan hain. Pehli zindagi mein Sanjana ne Karan Sinha ko chuna aur woh Rajlakshmi ban gayi. Shalu ka jeevan barbaad ho gaya. Shalu ne jalan mein Sanjana ko maar diya. Phir dono Punarjanam le kar Swayamvar ke din wapas aati hain. Is baar Shalu pehle Karan ko chun leti hai aur Sanjana ko bheekh maangne wale ke paas bhej deti hai. Lekin woh bheekh maangne wala chhupa hua samraat hai jo Sanjana se prem karne lagta hai. Kya Sanjana sukh paayegi? Kya Shalu jalan ki sazaa bhogegi?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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नकाबपोश चेहरे

इस कहानी में हर किसी के चेहरे पर नकाब है। सेठ बलराज की चालाकी और गुलाबी पोशाक वाली महिला का घमंड देखने लायक है। बदला स्वयंवर में नीली पोशाक वाली लड़की ही असली हीरो लग रही है। आगे की कहानी का बेसब्री से इंतजार है।

गर्व भरी चाल

नीली पोशाक वाली लड़की जब चलकर गई तो पीछे सब चुप हो गए। उसकी गर्व भरी चाल देखकर लगता है वह हारी नहीं है। गुलाबी पोशाक वाली महिला घबरा गई है। बदला स्वयंवर में अब असली खेल शुरू होने वाला है। बहुत बेहतरीन दृश्य है।

दुश्मनी की शुरुआत

सभी पात्रों के बीच की दुश्मनी साफ झलक रही है। खजाना लाने वाले नौकर चुपचाप काम कर रहे हैं। सेठ बलराज सबके ऊपर हावी हैं। बदला स्वयंवर में ऐसा लगता है कि यह दौलत किसी की जान ले लेगी। माहौल बहुत गंभीर है।

बदले की चिंगारी

थप्पड़ खाने के बाद भी नीली पोशाक वाली लड़की नहीं रोई। उसकी आंखों में आग है। गुलाबी पोशाक वाली महिला को जल्द ही सबक मिलेगा। बदला स्वयंवर में बदले की आग धीरे धीरे सुलग रही है। यह दृश्य बहुत ही भावुक कर देने वाला था।

खजाने का राज

खजाने के संदूक देखकर सब हैरान हैं। सेठ बलराज की खुशी देखने लायक है। गुलाबी पोशाक वाली महिला बहुत घमंडी लग रही है। नीली पोशाक वाली लड़की चुपचाप सब सह रही है। बदला स्वयंवर में ऐसा लगता है कि कोई बड़ा साजिश रची जा रही है। यह दृश्य बहुत तनावपूर्ण है और आगे क्या होगा देखने को उत्सुक हूं।

थप्पड़ का बदला

उस व्यक्ति ने नीली पोशाक वाली लड़की को थप्पड़ मारा तो दिल दुखी हो गया। क्यों बेचारी इतना सब सह रही है? गुलाबी पोशाक वाली महिला की हरकतें सही नहीं लग रहीं। बदला स्वयंवर की कहानी में यह मोड़ बहुत चौंकाने वाला था। सेठ बलराज बस सोने के पीछे पागल हैं।

लालच की आग

सोने की ईंटें और कीमती पत्थर देखकर लालच साफ झलक रहा है। बूढ़े सेठ की हंसी में कुछ चालाकी है। नीली पोशाक वाली लड़की की आंखों में आंसू हैं पर वह टूटी नहीं। बदला स्वयंवर में ऐसा लगता है कि बदला लेने का समय आने वाला है। बहुत ही शानदार एक्टिंग है।

अहंकार का अंत

गुलाबी पोशाक वाली महिला ने लाल लिफाफे पर पैर रखा तो गुस्सा आया। यह अहंकार कब तक चलेगा? नीली पोशाक वाली लड़की धैर्य की मूरत लग रही है। बदला स्वयंवर के इस एपिसोड में भावनाएं चरम पर हैं। सेठ बलराज को सब कुछ पता है फिर भी चुप हैं।

खामोश चीखें

प्राचीन वास्तुकला और पोशाकें बहुत सुंदर हैं। खजाने के संदूक खुलते ही सबकी आंखें फटी रह गईं। काले कपड़े वाले व्यक्ति का गुस्सा डरावना था। बदला स्वयंवर में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। नीली पोशाक वाली लड़की की कहानी जानने को मन कर रहा है।

सोने की ईंटें

सेठ बलराज के चेहरे पर लालच साफ दिख रहा था। उन्होंने सोने की ईंट हाथ में ली तो मुस्कुराए। पर नीली पोशाक वाली लड़की उदास क्यों है? बदला स्वयंवर में शायद यह खजाना किसी मुसीबत की वजह बनेगा। कहानी बहुत रोचक मोड़ ले रही है।

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