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Perfect Husband ka Jaal

Bindi Sinha apne husband Aarav Mehra ko perfect samajhti thi. Ek din use pata chala ki Aarav ka affair hai aur woh Bindi ko paagal dikhane ka plan bana raha hai — medicines dekar, band karke. Bindi apni jaan bachane ke liye Aarav ki girlfriend Neha Rao ke saath milti hai. Saath mein woh Aarav ke bure raaz dhundhti hain. Phir Bindi ko sach pata chalta hai — jo pyaar mila, woh sach nahi tha. Woh badla tha. Ab Bindi kaise bachegi? Kya woh Aarav ki chaal se bahar aa paayegi?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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दرد की गहराई

उसके चेहरे पर जो दर्द था वो देख कर दिल बैठ गया। दोस्त ने उसका साथ नहीं छोड़ा जो कि सबसे बड़ी ताकत है। आदर्श पति का जाल में दिखाया गया है कि बाहर से सब कुछ सही लग सकता है पर अंदर क्या चल रहा है किसी को पता नहीं। ये कहानी हमें सिखाती है कि मुसीबत में कौन अपना है।

बिखरी हुई सच्चाई

बैठक की वो बेबसी और बिखरी हुई शराब की शिशियां सच में कहानी बताती हैं। जब वो मंच पर भाषण दे रहा था तब किसी को नहीं पता था कि वो घर पर क्या करता है। आदर्श पति का जाल की ये कहानी का मोड़ सच में चौंका देने वाली है। अभिनय इतनी असली थी कि मैं भी रो पड़ा।

मनोवैज्ञानिक जाल

मनोवैज्ञानिक सलाह का दृश्य दिखाता है कि वो बचने की कोशिश कर रही थी। पर जाल इतना गहरा था कि निकलना मुश्किल हो गया। आदर्श पति का जाल में तनाव हर दृश्य में बना रहता है। दोस्त की भूमिका बहुत अहम थी जो उसे सहारा देती है।

प्यार या नफरत

प्यार और नफरत की ये लकीर बहुत पतली होती है। पहले वो उसे गले लगाता है और फिर गला दबाता है। ये विरोधाभास देख कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आदर्श पति का जाल ने रिश्तों की कड़वी सच्चाई को बिना लगाये दिखाया है। ये देखना जरूरी है।

सच्ची दोस्ती

लंबा लिबास वाली दोस्त के आगमन ने उम्मीद दी थी। उसने बिना सवाल पूछे मदद की। आज कल ऐसे दोस्त मिलना मुश्किल है। आदर्श पति का जाल में दोस्ती की मिसाल पेश की गई है। भावनात्मक दृश्यों ने दिल को छू लिया और आंसू रोकना मुश्किल हो गया।

नाटक या हकीकत

विद्यालय भाषण प्रतियोगिता वाला दृश्य विरोधाभासी था। बाहर से वो नायक लग रहा था पर अंदर से खलनायक निकला। आदर्श पति का जाल की पटकथा बहुत मजबूत है। हर छवि में एक नया राज खुलता है। दर्शकों को बांध कर रखता है ये नाटक।

खामोश चीखें

सफेद पोशाक वाली लड़की की आंखों में डर साफ दिख रहा था। जब वो जमीन पर गिरी थी तो लगा सब खत्म हो गया। आदर्श पति का जाल में हिंसा को महिमान्वित नहीं किया गया बस दिखाया गया है। ये सामाजिक संदेश भी देता है जो सराहनीय है।

कहानी का अंदाज

पीते का दृश्य और वर्तमान का मिश्रण बहुत अच्छे से किया गया है। समझ नहीं आता था कि सच क्या है। आदर्श पति का जाल की कहानी सुनाने की शैली ने मुझे हैरान कर दिया। अंत तक रहस्य बना रहा कि आगे क्या होगा। ये एक संपूर्ण अनुभव है।

व्यवस्था की कमी

घर का माहौल कितना डरावना हो सकता है ये इसने दिखाया। वो चिकित्सक के पास भी गई थी पर फायदा नहीं हुआ। आदर्श पति का जाल में व्यवस्था की कमी भी दिखाई गई है। अभिनय ने जान डाल दी इस कहानी में। बहुत प्रभावित हुआ मैं।

उम्मीद की किरण

अंत में जब वो दोस्त के गले लगी तो लगा सुकून मिला। ये सफर आसान नहीं था पर हिम्मत दिखाई। आदर्श पति का जाल से ये सीख मिलती है कि चुप नहीं रहना चाहिए। हर लड़की को ये देखना चाहिए ताकि वो सतर्क रहे।