इस शो की कहानी दिल दहला देने वाली है। जब वो डायरी मिलती है तो सब कुछ स्पष्ट हो जाता है। परफेक्ट हसबैंड का जाल में ऐसा मोड़ कोई नहीं सोच सकता था। डॉक्टर का फोन पर बात करना और वो डरावना कमरा सब कुछ एक साजिश की ओर इशारा करता है। नायिका की घबराहट साफ दिख रही है। देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सस्पेंस बहुत बढ़िया है।
जब वो वेंटिलेशन शाफ्ट में घुसती है तो सांस रुक जाती है। परफेक्ट हसबैंड का जाल का हर सीन सस्पेंस से भरा है। डॉक्टर साहब की चालाकी और वो गुप्त प्रयोगशाला किसी थ्रिलर से कम नहीं लगती। तस्वीरें और नोट्स सबूत हैं कि कुछ गड़बड़ है। नायिका अब फंस चुकी है और बाहर निकलना मुश्किल होगा। माहौल बहुत डरावना है।
उस कमरे में लटके कपड़े और अजीब उपकरण देखकर डर लग रहा है। परफेक्ट हसबैंड का जाल ने सस्पेंस की नई परिभाषा लिख दी है। डॉक्टर का व्यवहार बहुत संदिग्ध लग रहा है। क्या वो सच में इलाज कर रहा है या कुछ और। नायिका की आंखों में खौफ साफ झलक रहा है। यह कहानी आगे क्या मोड़ लेगी देखना बाकी है। बहुत रोचक है।
जब वो ऊपर से नीचे झांकती है तो लगता है अब बचना मुश्किल है। परफेक्ट हसबैंड का जाल में ट्विस्ट के बाद ट्विस्ट आ रहे हैं। डॉक्टर की ऑफिस में मौजूदगी और फोन कॉल सब कुछ प्लान्ड लगता है। नायिका अकेली पड़ गई है इस खतरनाक जाल में। हर पल की घबराहट कैमरे ने बहुत अच्छे से कैद की है। एक्टिंग शानदार है।
डायरी में लिखी तारीख और नोट्स सब कुछ बता रहे हैं। परफेक्ट हसबैंड का जाल की कहानी बहुत गहरी है। वो तस्वीरें जो डायरी में चिपकी हैं वो सबूत हैं कि कुछ गलत हुआ है। डॉक्टर साहब का चेहरा देखकर शक बढ़ रहा है। नायिका को सच जानने की कीमत चुकानी पड़ रही है। यह सफर आसान नहीं होने वाला। रहस्य बना हुआ है।
उस अंधेरे कमरे में नीली रोशनी बहुत डरावनी लग रही है। परफेक्ट हसबैंड का जाल का माहौल बहुत भारी है। नायिका को पता चल गया है कि वो किस जाल में फंस गई है। डॉक्टर की चालाकी और वो गुप्त रिकॉर्डिंग सब कुछ खतरनाक है। अब वो भागने की कोशिश कर रही है पर रास्ता बंद है। डर का माहौल है।
वेंटिलेशन में घुसकर वो भागने की कोशिश कर रही है। परफेक्ट हसबैंड का जाल में एक्शन और डर का अच्छा मिश्रण है। डॉक्टर को पता चल गया है कि कोई उसे देख रहा है। नायिका की हिम्मत कायल कर देने वाली है। पर क्या वो उस ताकतवर दुश्मन से जीत पाएगी। हर सीन में जान है। कहानी बहुत आगे बढ़ गई है।
जब डॉक्टर फोन पर बात कर रहा था तो उसकी आंखों में चालाकी थी। परफेक्ट हसबैंड का जाल में विलेन का किरदार बहुत मजबूत है। नायिका अब अकेली है और उसके पास सबूत हैं। वो ऊपर से नीचे देख रही है जैसे कोई शिकार देख रहा हो। यह मनोवैज्ञानिक खेल बहुत खतरनाक मोड़ पर है। अंत क्या होगा।
उसने डायरी चुराई और अब वो सच जानना चाहती है। परफेक्ट हसबैंड का जाल की पटकथा बहुत मजबूत है। वो तस्वीरें और नोट्स सब कुछ साबित कर रहे हैं। डॉक्टर का ऑफिस और वो गुप्त जगह सब कुछ जुड़ा हुआ है। नायिका की घबराहट देखकर दर्शक भी डर जाते हैं। आगे क्या होगा कोई नहीं जानता। सस्पेंस बना है।
जब वो नीचे गिरने वाली होती है तो सांस रुक जाती है। परफेक्ट हसबैंड का जाल का क्लाइमेक्स बहुत तेज है। डॉक्टर अब उसे ढूंढ रहा है। नायिका के पास समय कम है। वो जाल से निकलना चाहती है पर रास्ता बंद है। यह कहानी दर्शकों को बांधे रखती है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है। सबको देखना चाहिए।
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