आरव को हथकड़ी में देखकर दिल दहल गया। परफेक्ट हसबैंड का जाल की कहानी में यह सबसे बड़ा मोड़ था। पुलिस ऑफिस में घुसते ही सब खत्म हो गया। उसकी आंखों में बेचैनी साफ दिख रही थी। नीली रोशनी वाले सीन ने माहौल बहुत डरावना बना दिया था। रोहित का चेक वाला सीन भी हैरान करने वाला था। यह ड्रामा देखने लायक है। सस्पेंस बना हुआ है। आरव की आंखों में डर साफ दिख रहा था। यह कहानी बहुत गहरी है। हर सीन में नया मोड़ है। दर्शक बंधे रहते हैं।
रोहित के हाथ में चेक देखकर सब चौंक गए। परफेक्ट हसबैंड का जाल में लालच कैसे इंसान को बदल देता है, यह दिखाया गया है। कार वाला सीन बहुत तनावपूर्ण था। उसकी खुशी देखकर लगा कि कुछ गड़बड़ है। आरव की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। कहानी में हर पल नया सस्पेंस बना हुआ है। बहुत ही शानदार एक्टिंग है। दर्शकों को यह पसंद आएगा। रोहित का किरदार बहुत अहम है। पैसे का खेल चल रहा है।
पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी लड़कियों को देखकर दुख हुआ। परफेक्ट हसबैंड का जाल में अन्याय के खिलाफ आवाज उठी है। हल्के रंग का सूट वाली व्यक्ति बहुत प्रभावशाली लग रही थी। उसने सबको हिम्मत दी। चोट के निशान देखकर गुस्सा आया। आरव की गलतियों की सजा अब उसे मिल रही है। न्याय की उम्मीद बनी हुई है। यह सामाजिक संदेश देता है। सबको देखना चाहिए। सच्चाई जीती है।
शुरू में नीली रोशनी वाला कमरा बहुत रहस्यमयी था। परफेक्ट हसबैंड का जाल का हर सीन दृश्य रूप से बहुत सुंदर है। आरव का वहां आना किसी योजना का हिस्सा लग रहा था। फोन कॉल के दौरान उसका चेहरा बदल गया। डर और चिंता साफ झलक रही थी। यह थ्रिलर शैली बहुत पसंद आई। आगे क्या होगा जानना जरूरी है। माहौल बहुत गहरा है। रंगों का उपयोग अच्छा है।
ऑफिस में साइकोलॉजिस्ट के बैनर लगे थे। परफेक्ट हसबैंड का जाल में दिमाग का खेल चल रहा है। आरव छिपने की कोशिश कर रहा था लेकिन पुलिस आ गई। मेज पर लैपटॉप और किताबें थीं। सबूत मिल गए थे। उसकी चालाकी अब काम नहीं आई। कानून के हाथ लंबे होते हैं। यह सीन बहुत यादगार बन गया है। पुलिस की कार्रवाई तेज थी। सबूत जुट गए थे।
हल्के रंग का सूट वाली व्यक्ति को आरव को देखकर झटका लगा। परफेक्ट हसबैंड का जाल में रिश्तों की टूटन दिखाई गई है। वह बाहर खड़ी होकर सब देख रही थी। उसका चेहरा उतर गया था। शायद उसे उम्मीद नहीं थी। आरव को ले जाते हुए पुलिस वालों ने नहीं छोड़ा। यह भावनात्मक दृश्य बहुत भारी था। दर्शकों पर असर पड़ता है। भावनाएं उमड़ पड़ीं।
आरव ने फोन पर बात की तो माहौल बदल गया। परफेक्ट हसबैंड का जाल में संचार बहुत अहम है। रोहित सिन्हा का नाम स्क्रीन पर आया। बातचीत में कुछ छिपा था। आरव की घबराहट बढ़ती गई। यह छोटा सीन बड़ी कहानी बता रहा था। डायलॉग बहुत दमदार थे। हर शब्द का मतलब निकालना जरूरी है। फोन की घंटी बजी। रहस्य खुलने लगा।
यह कहानी धोखे और विश्वासघात पर आधारित है। परफेक्ट हसबैंड का जाल का नाम ही सब बता देता है। आरव ने सबके साथ धोखा किया। अब उसे इसके परिणाम भुगतने हैं। लड़कियों के चेहरे पर दर्द था। समाज में ऐसे लोग होते हैं। कानून सबको सबक सिखाता है। यह सीखने वाली कहानी है। सच्चाई सामने आ गई। बुराई हार गई।
अंत में आरव को ले जाते हुए दिखाया गया। परफेक्ट हसबैंड का जाल का क्लाइमेक्स बहुत तेज था। पुलिस स्टेशन के बाहर भीड़ जमा थी। सब कुछ खुलकर सामने आ गया। आरव की किस्मत अब जेल में कटेगी। यह अंत देखकर संतोष मिला। न्याय की जीत हुई है। अगला सीजन कब आएगा इसका इंतजार है। कहानी पूरी हुई। सब खुश हैं।
आरव के एक्टर ने बहुत अच्छा काम किया है। परफेक्ट हसबैंड का जाल में हर किरदार सजीव है। डर, गुस्सा और हैरानी सब सही दिखाया। रोहित का किरदार भी मजेदार था। हल्के रंग का सूट वाली व्यक्ति की उपस्थिति मजबूत थी। डायरेक्शन बहुत शानदार है। यह वेब सीरीज जरूर देखनी चाहिए। सबको देखनी चाहिए। तकनीक अच्छी है। कैमरा वर्क बढ़िया है।
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