टीवी पर चल रहा शो और असल जिंदगी का कड़वा सच देखकर रोंगटे खड़े हो गए। सूट वाला शख्स शांति की बात कर रहा है, लेकिन कमरे में खौफ छाया हुआ है। परफेक्ट हसबैंड का जाल शीर्षक ही सब बता देता है। घायल चेहरे पर खून के निशान और आंसू देखकर दिल दहल गया। यह कहानी कहीं ज्यादा गहरी और दर्दनाक लग रही है। बस यही उम्मीद है कि सच्चाई जल्दी सामने आए। दर्शक के रूप में यह तनाव बर्दाश्त नहीं हो रहा है। हर पल कुछ नया हो रहा है।
सहेली का साथ इस मुश्किल वक्त में सबसे ताकतवर हथियार साबित हुआ है। कोट वाली महिला ने जिस तरह घायल लड़की को संभाला, वह काशिल हो गया। आंसू पोंछते वक्त उनकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। परफेक्ट हसबैंड का जाल में ऐसे रिश्ते ही जान डालते हैं। बिखरी बोतलें और डर का माहौल कहानी की गंभीरता बता रहा है। अगला एपिसोड कब आएगा, बस यही सोच रही हूं। यह दोस्ती मिसाल बन गई है।
दरवाजे के हैंडल का क्लोजअप शॉट ने रूह कंपा दी। जब वह शख्स अंदर आया, तो दोनों की सांसें थम गईं। खामोशी में छिपा शोर सबसे ज्यादा डरावना होता है। परफेक्ट हसबैंड का जाल की यह स्क्रिप्ट कमाल की है। हर एक्टिंग में जान है। घायल लड़की की आंखों में बेबसी साफ झलक रही थी। यह सिर्फ ड्रामा नहीं, एक सच्ची कहानी लगती है। डर का माहौल बहुत अच्छे से बनाया गया है।
बिखरी हुई बोतलें और गिरा हुआ सामान बता रहा है कि यहां क्या हुआ होगा। लड़की के चेहरे पर चोट के निशान देखकर गुस्सा आ रहा है। कोट वाली सहेली ने हिम्मत नहीं हारी। परफेक्ट हसबैंड का जाल में ऐसे मोड़ उम्मीद नहीं थे। कैमरा एंगल और लाइटिंग ने डर को और बढ़ा दिया। यह सीन देखकर मैं भी सहम गई। बहुत ही तनावपूर्ण माहौल बनाया है। हर डिटेल पर ध्यान दिया गया है।
टीवी स्क्रीन पर मुस्कुराता हुआ चेहरा और कमरे में सन्नाटा। यह विरोधाभास कहानी को नया मोड़ दे रहा है। सूट वाले शख्स की बातें अब झूठी लग रही हैं। परफेक्ट हसबैंड का जाल ने दिमाग घुमा दिया। घायल लड़की का रोना किसी को भी रुला दे। यह शो सिर्फ मनोरंजन नहीं, एक संदेश भी दे रहा है। काश हर किसी को ऐसा साथी मिले। कहानी बहुत प्रभावशाली है।
एक्टिंग इतनी असली लगी कि मैं भूल गई यह शूटिंग है। आंसू और दर्द की हर लकीर चेहरे पर साफ दिख रही थी। कोट वाली महिला का गुस्सा और चिंता लाजवाब था। परफेक्ट हसबैंड का जाल की टीम को सलाम। ऐसे सीन देखकर हीरोइन की हिम्मत की दाद देनी पड़ती है। डर के साये में भी वह लड़ रही है। यह जंग आसान नहीं होगी। दर्शक जुड़ाव महसूस कर रहा है।
कमरे की सजावट और बिखराव कहानी का हिस्सा बन गए हैं। हर चीज जगह पर नहीं है, जैसे उनकी जिंदगी। परफेक्ट हसबैंड का जाल में बारीकियों पर खास ध्यान दिया गया है। जब वह शख्स अंदर आया, तो हवा भी रुक गई। घायल लड़की की चीख नहीं निकली, बस आंखें बोल रही थीं। यह खामोशी सबसे बड़ा शोर है। बहुत ही बेहतरीन निर्देशन है। माहौल जबरदस्त है।
दोस्तों का रिश्ता खून से गाढ़ा होता है, यह डायलॉग यहाँ सच साबित हुआ। कोट वाली सहेली ने अपनी जान की परवाह नहीं की। परफेक्ट हसबैंड का जाल में ऐसे किरदार यादगार बन जाएंगे। घायल लड़की को गले लगाकर उसने हिम्मत दी। यह सीन देखकर मेरी आंखें नम हो गईं। असली दोस्त वही है जो मुश्किल में काम आए। बहुत ही भावुक पल था। दिल को छू गया।
सस्पेंस की खुराक हर सीन के साथ बढ़ती जा रही है। अब क्या होगा, यह जानने की बेचैनी है। सूट वाले शख्स के आगमन ने सब बदल दिया। परफेक्ट हसबैंड का जाल की कहानी में अब मोड़ आएगा। घायल लड़की की हालत देखकर लग रहा है कि वह अकेली नहीं है। उसकी सहेली ढाल बनकर खड़ी है। यह लड़ाई अब और भी रोचक हो गई है। आगे क्या होगा देखना है।
नेटशॉर्ट मंच पर यह शो देखना मेरी आदत बन गई है। हर कड़ी नया सस्पेंस लेकर आती है। परफेक्ट हसबैंड का जाल की लोकप्रियता बढ़ रही है। घायल लड़की और उसकी सहेली की जुगलबंदी कमाल की है। डर और हिम्मत का यह मिश्रण देखने लायक है। जल्दी से अगला भाग प्रसारित होना चाहिए। मैं इंतजार नहीं कर पा रही। गुणवत्ता बहुत अच्छी है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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